Delhi High Court ने Jagtar Singh Johal को UAPA के 7 मामलों में दी जमानत

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 18, 2026

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ब्रिटिश सिख नागरिक जगतार सिंह जोहल को गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत उसके खिलाफ दर्ज सात मामलों में जमानत दे दी। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने कहा कि जोहल आठ साल से अधिक समय से हिरासत में हैं और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बावजूद, ‘‘मुकदमे की सुनवाई की गति में कोई खास तेजी नहीं आई है’’ तथा ‘‘इसके जल्द संपन्न होने की कोई संभावना नहीं है।’’ जोहल के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दर्ज मामले, 2016-2017 में पंजाब के लुधियाना और जालंधर जिलों में कथित तौर की गई हत्याओं और हत्या की कोशिशों की घटनाओं से संबंधित हैं। इनमें से दो मामले जनवरी 2017 में लुधियाना में श्री हिंदू तख्त के अध्यक्ष अमित शर्मा की हत्या और अगस्त 2016 में जालंधर में पंजाब में आरएसएस के उपाध्यक्ष जगदीश कुमार गगनेजा की हत्या की कथित कोशिश से जुड़े हैं।

उस पर आतंकवाद को बढ़ावा देने, अलगाववाद और एक खास समुदाय के लोगों की हत्या जैसे गंभीर अपराधों के लिए मुकदमा चल रहा है। हालांकि, फैसले में पीठ की राय थी कि आरोपी की स्वतंत्रता को सिर्फ इस आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता कि वह विदेशी नागरिक है। पीठ ने कहा, ‘‘उसके देश छोड़कर नहीं भागने को सुनिश्चित करने के लिए हम शर्तें लगाएंगे।

साथ ही, पीठ ने जोहल को अपना पासपोर्ट जमा करने, जांच अधिकारी (आईओ) को अपने परिचित लोगों का विवरण देने और हर दो हफ्ते में उनके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।’’ मामले की सुनवाई कर रही अदालत द्वारा जमानत न दिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली जोहल की अपील पर सुनवाई करते हुए पीठ ने आदेश दिया कि अपीलकर्ता को जमानत पर रिहा किया जाए। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि उसे पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने पर रिहा किया जाए।

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