By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 01, 2026
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने आतंकवाद-रोधी कानून के तहत दर्ज एक मामले में आईएसआईएस समर्थक समूह ‘हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम’ के कथित सदस्य मोहम्मद शहजाद कमाल को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति अरुण भारद्वाज की पीठ ने कहा कि आरोपी पांच साल से अधिक समय से हिरासत में है और उसके खिलाफ दर्ज मामले में उसे लगातार हिरासत में रखे जाने को उचित नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि मुकदमे के जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है। कमाल को 2018 में एनआईए की ओर से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले के सिलसिले में 31 अगस्त 2021 को गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए के मुताबिक, कमाल ने आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए कई मौकों पर कथित तौर पर धन मुहैया कराया। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के जमानती बॉण्ड और इतनी ही राशि के दो मुचलकों पर रिहा करने का निर्देश दिया। अदालत ने उस पर कई शर्तें भी लगाईं, जिनमें अपना पासपोर्ट जमा करना और उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित अपने पैतृक स्थान को छोड़कर बाहर नहीं जाना शामिल है।
हालांकि, मुकदमे में पेश होने या एनआईए कार्यालय में रिपोर्ट करने के लिए दिल्ली जाने की अनुमति होगी। अदालत ने उसे मामले के संबंध में कोई सार्वजनिक बयान देने या ऐसी किसी गतिविधि में शामिल होने से भी रोक दिया, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था या मुकदमे की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। साथ ही, उसे किसी भी सोशल मीडिया मंच या अन्य माध्यम से राष्ट्र-विरोधी सामग्री प्रसारित करने से भी मना किया गया है।