By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 04, 2024
नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की ओर से दायर एक अंतरिम याचिका सोमवार को खारिज कर दी जिसमें भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्रई को उनके खिलाफ कोई भी फर्जी और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने या प्रसारित करने से रोकने का अनुरोध किया गया था। मोइत्रा को हाल ही में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने आदेश सुनाते हुए कहा, मैंने रोक के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी है।’’
दुबे ने मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए कारोबारी और हीरानंदानी समूह के मुख्य कार्यकारी (सीईओ) दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। अधिवक्ता देहाद्रई से प्राप्त एक पत्र का हवाला देते हुए दुबे ने कहा था कि वकील ने उनके साथ व्यवसायी द्वारा कथित तौर पर टीएमसी नेता को रिश्वत दिए जाने के अकाट्य सबूत साझा किए हैं।