By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 12, 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार से दिल्ली जिमखाना क्लब के कई सदस्यों की उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें क्लब के 27.3 एकड़ परिसर को कब्जे में लेने के सरकार के फैसले और उसके बाद की बेदखली की कार्रवाई को चुनौती दी गयी थी। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने केंद्रीय आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय, भूमि एवं विकास विभाग के उप अधिकारी, संपदा अधिकारी और दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड को नोटिस जारी कर उनसे जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 17 नवंबर तय की है।
याचिकाकर्ता विपिन अग्रवाल और अन्य लोगों ने कहा कि अधिकारियों की कार्रवाई उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है और इसके परिणामस्वरूप उन्हें उनकी संपत्ति से वंचित होना पड़ता है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है क्योंकि 2, सफदरजंग रोड पर स्थित क्लब के प्रबंधन के ऐसा करने की संभावना नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने भूमि एवं विकास विभाग के 22 मई के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें हमेशा के लिए पट्टा विलेख को खत्म कर दिया गया था, और साथ ही संपदा अधिकारी द्वारा जारी 29 जून के बेदखली नोटिस को भी चुनौती दी है।