By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 01, 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय ने धन शोधन मामले को रद्द करने के अनुरोध वाली ‘रहेजा डेवलपर्स’ के चेयरमैन के बेटे नयन रहेजा की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से अपना पक्ष रखने को कहा है। याचिका में रहेजा ने करीब 4,600 घर खरीदारों को फ्लैट की देरी से आपूर्ति से जुड़े 2022 के धन शोधन मामले को रद्द करने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने जांच एजेंसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा, ‘‘वे निर्देश प्राप्त करें और स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें।’’ न्यायाधीश ने 30 जुलाई को जारी आदेश में याचिकाकर्ता के इस आश्वासन को भी रिकॉर्ड पर लिया कि वह ईडी के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
अदालत में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा पेश हुए। याचिकाकर्ता पेशे से वास्तुकार हैं। उन्होंने दलील दी कि उनके खिलाफ किसी भी निर्धारित अपराध या आपराधिक मंशा के अभाव में कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है।
कानूनी फर्म करंजावाला एंड कंपनी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता को ईसीआईआर में आरोपी बनाया गया, जबकि तीन में से दो मूल प्राथमिकी में पुलिस ने उन्हें पहले ही आरोप मुक्त कर दिया है और आरोपी के रूप में नाम शामिल किए बिना ही उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। याचिका में कहा गया कि तीसरी प्राथमिकी में शिकायतकर्ता पक्ष के साथ समझौता हो चुका है।