By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर यह तय करने से सोमवार को इनकार कर दिया कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं। अदालत ने कहा कि वह मामले पर “व्यापक” सुनवाई करेगी और “टुकड़ों में” फैसला नहीं सुनाएगी। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने आरोपमुक्त किए गए सभी आरोपियों को सीबीआई की लिखित दलीलों का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।
चौधरी ने दलील दी कि सीबीआई याचिका “पूरी तरह गलत आधार पर” दायर की गई है और अगर यह शुरुआती कसौटी पर खरी नहीं उतरती तो अदालत को मामले की फाइल देखने की भी जरूरत नहीं है। न्यायमूर्ति जैन ने वरिष्ठ वकील से “बहुत ज्यादा तकनीकी बातों” में न जाने को कहा और कहा, “हम आपकी बात सुनेंगे। हम टुकड़ों में फैसला नहीं देना चाहते।” अदालत ने कहा, “दलीलों पर व्यापक सुनवाई होगी।
टुकड़ों में नहीं। हम सीबीआई से शुरुआत करेंगे और आप पर खत्म करेंगे। दलीलें एक साथ सुनी जाएंगी।” निचली अदालत ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को आरोपमुक्त कर दिया था।
अदालत ने कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह टिकने में असमर्थ है।