By रेनू तिवारी | Jun 10, 2026
उत्तर और मध्य भारत में पिछले कई दिनों से जारी भीषण और जानलेवा लू (Heatwave) के बीच मौसम ने आखिरकार करवट बदल ली है। मंगलवार रात को दिल्ली-NCR के आसमान में अचानक बिजली कड़कने और धूल भरी तेज आंधी (Dust Storm) के बाद मौसम सुहावना हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब दिल्ली-NCR और आसपास के मैदानी इलाकों के लिए राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज (बुधवार) दिनभर दिल्ली और उसके पड़ोसी शहरों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय एक बार फिर तेज आंधी-तूफान आने और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की प्रबल संभावना है। आज राजधानी में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जो पिछले दिनों के 45-46 डिग्री के मुकाबले थोड़ा कम है। मंगलवार शाम को आए तूफान के दौरान पालम मौसम केंद्र में हवा की सबसे तेज रफ्तार 111 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि पूसा ऑब्जर्वेटरी ने हवा की अधिकतम गति 48 किमी प्रति घंटा मापी।
दिल्ली में झमाझम बारिश कब? (Rainfall Alert for Delhi-NCR)
दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि उमस और लू का दौर अब थमने वाला है। IMD ने 11 और 12 जून को दिल्ली-NCR में व्यापक रूप से आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश (Monsoon Pre-showers) का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग के अनुसार, 11-12 जून के दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चलेंगी और गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी। इस बदलाव के चलते 12 जून को दिल्ली का अधिकतम तापमान सीधे गिरकर 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाएगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बेहद राहत मिलेगी।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत के मौसम में आया यह अचानक बदलाव एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) के कारण हुआ है। इस पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार रात को जहां दिल्ली और गुरुग्राम के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, वहीं बुधवार तड़के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस प्री-मानसून एक्टिविटी ने हवा में मौजूद धूल के कणों को साफ कर दिया है और हवा की गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार देखा गया है।
मानसून की रफ्तार: देश के बड़े हिस्से में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून
एक तरफ उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, तो दूसरी तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) देश के बाकी हिस्सों में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। IMD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून ने तय समय के अनुसार देश के एक बड़े हिस्से को कवर कर लिया है।
मानसून की वर्तमान स्थिति (Monsoon Coverage)
दक्षिण भारत: केरल, तमिलनाडु के ज्यादातर हिस्से, कर्नाटक के बड़े हिस्से, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाके।
पश्चिम भारत: गोवा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से।
पूर्वोत्तर भारत: सभी पूर्वोत्तर राज्य, जिनमें असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं, वहां मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।
कई इलाकों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने अगले पांच से सात दिनों में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। इस बीच, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 11 और 12 जून को बारिश होने की उम्मीद है। कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने और ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है।