By नीरज कुमार दुबे | Jun 28, 2024
हम विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ने का दावा कर रहे हैं, हम यह भी दावा कर रहे हैं कि हमारे कई शहर जल्द ही स्मार्ट सिटी बनने जा रहे हैं लेकिन हकीकत क्या है यह कुछ तस्वीरों के माध्यम से ही समझ आ सकता है। मानसून के इस मौसम में हमारे बड़े महानगरों ही नहीं छोटे शहरों तक में दिखता बदहाली का आलम हमारी सरकारों की ओर से किये जाने वाले विकास के तमाम दावों पर सवालिया निशान लगा रहा है। सवाल उठ रहा है कि मानसून से पहले 'सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं', का दावा करने वाली राज्य सरकारें और नगर निगम क्यों हर साल सोये रहते हैं? राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई से बारिश के मौसम में हर साल जो तस्वीरें सामने आती हैं वह राज्य सरकारों और नगर निगमों की नाकामी का ही परिणाम है। मानसून में ऐसा लगता है कि हमारे महानगर स्मार्ट सिटी नहीं तालाब सिटी हैं।
बहरहाल, दिल्ली में विभिन्न मार्गों पर जिस तरह ट्रैफिक जाम लगा हुआ है, मेट्रो स्टेशनों पर पानी भरने की खबरें आ रही हैं, लोगों के घरों में पानी भर जाने से सामान को क्षति पहुँची है और रेल-हवाई यातायात थम गया है उससे आम जनता को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार और नगर निगम को चाहिए कि वह अपनी नाकामियों का दोष दूसरों पर मढ़ने या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझने की बजाय अपने अधिकारियों को ग्राउण्ड जीरो पर उतार कर हालात को जल्द से जल्द सामान्य करवाने का प्रयास करे।