By अभिनय आकाश | Oct 17, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के पांच दिन बाद, पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने शनिवार को उनकी हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों को अपने ही देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल में रखा गया है। एक्स पर एक पोस्ट में शिंदे ने कहा कि आशु और सौरभ की अवैध गिरफ्तारी का 5वां दिन। तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है! इससे पहले 12 अक्टूबर को, दिल्ली पुलिस ने दास, रंका और अन्य लोगों को जंतर-मंतर पर कथित रूप से अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है। पार्टी सदस्य अजिंक्य शिंदे ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद, दास और रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन कार्यकर्ताओं को इस कार्रवाई से डराया नहीं जा सकेगा। इसके अलावा, अभिनेता और कार्यकर्ता प्रकाश राज ने शनिवार को राष्ट्रीय ध्वज लहराने वाले युवा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने मोदी सरकार से देशभक्ति पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज लहराने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री मोदी से देशभक्ति पर अपना रुख साफ करने को कहा, क्योंकि उनकी सरकार ने ही 'हर घर तिरंगा' पहल शुरू की थी।
इस बीच, CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके, जिन्हें राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, उन्हें शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया जाएगा। उनके वकील ने यह जानकारी दी। वकील रत्ना सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में SEM के सामने पेश किया जाएगा।" पुलिस ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से दिपके को 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' (एहतियाती हिरासत) में लिया। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (prohibitory orders) लागू की गई थी। CJP के प्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया और वकीलों से मिलने की तुरंत अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोगों से इकट्ठा न होने की बार-बार अपील करने के बावजूद, कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और जो लोग बार-बार ऐसा करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।