CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर अड़े 150 AISA कार्यकर्ता हिरासत में

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 03, 2026

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को पटेल चौक से जंतर मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास करने वाले करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया, जिनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण शामिल हैं। एक अधिकारी के अनुसार सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के लिए अवरोधक लगाए थे और उन्हें निर्धारित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया था। आईसा के सदस्यों ने कहा कि वरिष्ठ वकीलों कपिल सिब्बल, नित्या रामकृष्णन और पल्लव सिसोदिया के साथ प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव भी नेहा बोरा और अन्य छात्रों के साथ मार्च में शामिल हुए।

कई महिलाओं ने शिकायत की है कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उन्हें गलत तरीके से छुआ।” बयान में कहा गया है, “जो पुलिस बल महिलाओं को न्याय दिलाने का दावा करता है, वह भीड़ को संभालने के बुनियादी नियमों का पालन नहीं कर पा रहा। पुरुष पुलिस अधिकारियों ने खुले तौर पर महिला प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार किया और बेहद गैर-पेशेवर तरीके से व्यवहार किया।” आईसा ने दावा किया कि नेहा को 10 अन्य लोगों के साथ कोतवाली थाने जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय की आईसा सचिव अंजलि, सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को बदरपुर थाने ले जाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि शनिवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने वाले 500 से ज्यादा लोगों पर दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग किया।

संगठन ने कहा कि ये लोग चुनाव प्रक्रिया में ईमानदारी और पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। नेहा बोरा ने शुक्रवार को आईसा कार्यकर्ताओं से जंतर-मंतर वापस लौटने और प्रदर्शन जारी रखने की अपील थी, जिसके बाद शनिवार को फिर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चिंता जताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इस घटनाक्रम से एक दिन पहले पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोक दिया था, जिसके बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। बाद में हिरासत में लिए गए कई लोगों को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों के सिलसिले में कम से कम तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं।

इनमें से दो संसद मार्ग थाने और एक कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है। ये प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दर्ज की गई हैं, जो लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की कथित अवज्ञा से संबंधित है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी नहीं बनाया गया है, हालांकि उनमें प्रदर्शन का प्रस्ताव देने वाले या उसमें शामिल आयोजकों और संगठनों का विवरण दिया गया है।

ये प्राथमिकी नयी दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों के कथित उल्लंघन से जुड़ी हैं। इन आदेशों के तहत पहले से लिखित अनुमति के बिना पांच या उससे ज्यादा लोगों का एक जगह इकट्ठा होना, जुलूस निकालना, प्रदर्शन करना, धरना देना और नारे लगाना प्रतिबंधित है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।

शुक्रवार के प्रदर्शन के दौरान कई सड़कों पर अवरोधक लगाए गए थे और जंतर-मंतर के आसपास कई मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश व निकास को अस्थायी रूप से सीमित कर दिया गया था। हाल ही में अंग्रेजी समाचार पत्र ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर में बताया गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर एसआईआर से जुड़े फैसलों व आदेशों पर आपत्ति जताई थी। खबर के अनुसार, उनका कहना था कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना जारी किए गए थे।

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपने दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे निर्वाचन आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य बात है। आयोग ने यह भी कहा कि उसके सभी आदेशों को पूरी कानूनी मंजूरी मिली हुई है और ये आदेश तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए जाते हैं।

प्रमुख खबरें

Shai Hope के नाबाद 162 रन, West Indies ने तीसरे ODI में भारत को पांच विकेट से हराया

विमान अपहरण की कोशिश विफल करने वाले Captain Smit Machhar को मिले अशोक चक्र: ABVP

Russia इस साल 70000 भारतीय कुशल कामगारों को देगा नौकरी: विदेश मंत्री एस जयशंकर

BJP MP Gajendra Singh Patel ने हिंदू युवाओं से की पांच बच्चे पैदा करने की अपील