By रेनू तिवारी | Jul 02, 2026
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पाकिस्तान खुफिया एजेंसी (ISI) समर्थित एक बड़े अंतर-राज्यीय आतंकी और हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में चार कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी और उसके गुर्गों के सीधे संपर्क में थे और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले और सिलसिलेवार गोलीबारी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटर्स के संपर्क में थे और पकड़े जाने से बचने के लिए अपने हैंडलर्स द्वारा उपलब्ध कराए गए विदेशी फोन नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
शुभदीप सिंह उर्फ विशाल (23), निवासी तरनतारन, पंजाब
गुरजंट सिंह उर्फ ऋषि (22), निवासी तरनतारन, पंजाब
साजन सिंह उर्फ हनी (28), निवासी अमृतसर, पंजाब
गगनप्रीत (24), निवासी फतेहगढ़ साहिब, पंजाब
पुलिस ने आरोपियों के पास से विदेशी निर्मित दो पिस्तौल (एक जिगाना पिस्तौल और एक .30 बोर पिस्तौल), नौ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए।
आतंकी हमले की योजना की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू हुई
पुलिस के अनुसार, स्पेशल सेल को एक खास खुफिया जानकारी मिली थी कि भट्टी और उसके पाकिस्तान स्थित साथी दिल्ली-NCR में आतंकी घटना की योजना बना रहे थे और इसके लिए पंजाब के युवाओं को भर्ती किया था।
तकनीकी निगरानी और सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, कई संदिग्धों की पहचान की गई और दिल्ली व पंजाब में कई जगहों पर छापेमारी के बाद उनसे पूछताछ की गई।
पहली सफलता अमृतसर के मजीठा रोड से शुभदीप सिंह की गिरफ्तारी से मिली, जिसके पास से पुलिस ने एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह शहजाद भट्टी नेटवर्क के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ प्राप्त कर रहा था।
उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने पंजाब से उसके साथियों, गुरजंट सिंह और साजन सिंह को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं ने बताया कि उनके पास से एक जिगाना पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। बाद में, 24 अप्रैल 2026 को पुलिस ने गगनप्रीत को दिल्ली से गिरफ़्तार किया और उसके पास से एक मोबाइल फ़ोन और कई अहम सबूत बरामद किए।
स्पेशल सेल के मुताबिक, गगनप्रीत को उसके पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दिल्ली में धार्मिक स्थलों और पुलिस ठिकानों की रेकी करने का काम सौंपा था। उसे दिल्ली में गोलीबारी की घटना को अंजाम देने का काम भी सौंपा गया था।