By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
नयी दिल्ली, सात अगस्त राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को हुई भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बीच प्रमुख सड़कें चार फुट तक पानी में डूब गईं, गाड़ियां फंस गईं, यातायात थम गया और कई आवासीय कॉलोनियों में पानी भर गया। दक्षिणी दिल्ली के महरौली-बदरपुर रोड से लेकर महिपालपुर, मिंटो रोड, आईटीओ, शकरपुर और छतरपुर तक की सड़कें बारिश के पानी में पूरी तरह डूब गईं।
खानपुर से ओखला मोड़ के बीच कई किलोमीटर तक गाड़ियां रेंगती नज़र आईं, वहीं संगम विहार, देवली और आंबेडकर नगर से लगे रास्ते भी पूरी तरह जलमग्न रहे। फतेहपुर बेरी की वाल्मीकि बस्ती में लोग कमर तक भरे पानी से गुजरने को मजबूर दिखे। जलभराव के कारण रास्ता पार करने में असमर्थ स्कूली बच्चों को स्थानीय लोगों ने नीले रंग के बड़े तिरपाल से बनी अस्थायी नाव पर बैठाकर पार कराया।
कई घरों में पानी घुस जाने से परिवारों ने अनाज एवं अन्य राशन और घरेलू सामान के खराब होने की बात कही। मूसलाधार बारिश के बाद पूरी राजधानी में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का अंबार लग गया। प्रशासन को जलभराव, पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी कम से कम 67 शिकायतें मिलीं।
लगातार हो रही बारिश के कारण लाल किला परिसर के आसपास के इलाकों, छतरपुर फार्म, टर्मिनल-1 के पास मेहराम नगर और सैनिक फार्म्स सहित कई बस्तियों में भारी जलभराव हो गया। महिपालपुर टी-प्वॉइंट पर पानी भर जाने से हवाई अड्डे, गुरुग्राम, छतरपुर और वसंत विहार की ओर जाने वाला यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, वहीं पूसा रोड गोलचक्कर के पास भी यात्रियों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा। छतरपुर से सामने आए दृश्यों में स्कूली छात्र घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरते दिखे, जबकि एमबी रोड के जलमग्न हिस्सों पर गाड़ियां रेंगती नज़र आईं।
इसके अलावा, दक्षिणी दिल्ली स्थित दिल्ली पुलिस के स्वापक कार्यालय में भी भारी जलभराव की खबर है। पूर्वी दिल्ली के जीटी रोड, जीटीबी एन्क्लेव और दिलशाद गार्डन इलाकों में भी वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई। शकरपुर और आसपास के मंडावली इलाके में ई-रिक्शा चालकों ने कहा कि नालियों का पानी सड़कों पर आ जाने, गड्ढों में पानी भरने और सड़कों पर जलभराव के कारण दुर्घटनाएं हुईं तथा उनकी आजीविका प्रभावित हुई।
इस संबंध में एक ई-रिक्शा चालक ने कहा, ‘‘कई तरह की परेशानियां हैं। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सीवर के गड्ढों का पता नहीं चलता। आज कम से कम तीन-चार वाहन पलट गए, जिनमें ई-रिक्शा, स्कूटर और मोटरसाइकिल शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि इलाके की नालियां ठीक तरीके से नहीं बनाई गई हैं और उनमें मलबा जमा होने के कारण बारिश के बाद पानी जल्दी नहीं निकल पाता।
ई-रिक्शा चालक ने कहा, ‘‘हमारी कमाई काफी घट गई है। पहले अगर हम एक दिन में 600 रुपये कमा लेते थे तो अब 200 या 300 रुपये ही कमा पा रहे हैं। बैटरी में पानी चला जाता है।
अगर ई-रिक्शा पलट जाए, तो 60 हजार से 80 हजार रुपये तक का नुकसान हो सकता है।’’ फतेहपुर बेरी के निवासियों का कहना है कि जलभराव की यह समस्या पिछले कई दशकों से लगातार बनी हुई है। एमसीडी के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के अनुसार, केशवपुरम, दक्षिण, मध्य, पश्चिम और सिविल लाइंस क्षेत्रों से पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। वहीं, नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को बारिश से जुड़ी 34 शिकायतें मिलीं, जिनमें जलभराव के 15, पेड़ गिरने के पांच और बिजली गुल होने के 14 मामले शामिल हैं।
दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को जलभराव की 22 शिकायतें दर्ज कराई गईं। एनडीएमसी क्षेत्र में लोधी रोड, सुनहरी बाग रोड, आरके आश्रम मार्ग, मिंटो रोड ब्रिज, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, सफदरजंग फ्लाईओवर, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, मोती बाग, तालकटोरा गार्डन, रेस कोर्स रोड और सरोजिनी नगर से जलभराव की शिकायतें मिलीं। वहीं, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, चाणक्यपुरी के यशवंत प्लेस, आरएमएल अस्पताल और जामनगर हाउस से पेड़ गिरने की सूचनाएं प्राप्त हुईं।
मूसलाधार बारिश के बाद अब इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। दिल्ली कांग्रेस ने शहर भर में हुए भीषण जलभराव के लिए भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही।
उन्होंने कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद यह ट्रिपल-इंजन सरकार जलभराव रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। शर्मा ने कहा, ‘‘दिल्ली की शायद ही कोई ऐसी सड़क हो -चाहे वह सघन आबादी वाली कॉलोनियां हों, आवासीय इलाके हों, गांव हों या शहरी क्षेत्र- जो जलभराव से अछूती हो। दिल्ली को जलभराव से मुक्त रखने के सरकार के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं।’’ उधर, आम आदमी पार्टी (आप) ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा मिंटो ब्रिज पर जलभराव की समस्या खत्म करने का श्रेय लेने से तो पीछे नहीं हटती, लेकिन शहर के बाकी हिस्सों में बने बाढ़ जैसे हालात को नजरअंदाज कर देती है।
विपक्ष के इन आरोपों पर फिलहाल रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई थी। आईएमडी ने कहा कि अगले कुछ घंटों के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक व बिजली गिरने के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच सबसे अधिक 111.5 मिमी बारिश पुष्प विहार में दर्ज की गई।
इसके बाद छतरपुर में 104.5 मिमी, आयानगर में 87.4 मिमी, पालम में 73.5 मिमी, जनकपुरी में 68 मिमी, झरोदा कलां में 67 मिमी, पूसा में 59.5 मिमी, सफदरजंग में 57.3 मिमी, नारायणा में 53 मिमी, रिज में 49.6 मिमी, लोधी रोड में 49.3 मिमी, मयूर विहार में 36 मिमी, नजफगढ़ में 24 मिमी और जाफरपुर में 13.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में 127 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे यह वर्ष 2011 के बाद से इस महीने का सबसे अधिक बारिश वाला पहला सप्ताह बन गया है।