By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 22, 2020
खालिद ने कहा कि अधिकारी ने उसे बताया कि न्यायाधीश द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद माइक को चालू) किया जाएगा। न्यायाधीश ने जेल अधिकारी से कहा, ‘‘अगर विचाराधीन कुछ कहना चाहता है तो उसके माइक को चालू कर दीजिए और उसे बोलने दीजिए या आप बताएं कि वह कुछ कहना चाहता है।’’ न्यायाधीश की अनुमति मिलने पर खालिद ने कहा, ‘‘ मुझे कोठरी से निकलने की बिल्कुल अनुमति नहीं दी जाती है। मैं अपनी कोठरी में अकेला हूं। किसी को भी मुझसे मिलने की अनुमति नहीं दी जाती। व्यवाहारिक तौर पर मुझे एकांत में जैसे कैद कर दिया गया है। मेरी तबीयत पिछले तीन दिन से ठीक नहीं है। मैं असहज महसूस कर रहा हूं। यह सजा की तरह है। मुझे क्यों यह सजा दी जा रही है? मैं दोहराता हूं कि मुझे सुरक्षा की जरूरत है किंतु यह पूरे दिन मुझे कोठरी में रखकर नहीं हो सकती।’’ उसने कहा कि बुधवार को उसे जेल संख्या दो के अतिरिक्त अधीक्षक प्रदीप शर्मा द्वारा जारी आदेश दिखाया गया जिसमें कहा गया है कि खालिद को अपनी कोठरी से बाहर रहने की अनुमति नहीं है। खालिद ने कहा, ‘‘ मैं इस आदेश को वापस लेने का अनुरोध करता हूं। जेल अधीक्षक सुबह आएं और जेल कर्मियों को कहा कि मुझे बाहर निकलने की अनुमति दी जाए। मैंने करीब 10 मिनट बाहर बिताया और उसके बाद वह वापस चले गए। तब से मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है।’’