Parliament में दिल्ली सेवा विधेयक पर होगी चर्चा, हंगामेदार रह सकता है पूरा सप्ताह

By रितिका कमठान | Jul 30, 2023

संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है जिसमें मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर 20 जुलाई को शुरू होने के बाद से कई तरह की रूकावटें आई है। इस दौरान कई व्यवधान देखे गए है। वहीं मॉनसून सत्र का आगामी सप्ताह और भी अधिक हंगामेदार होने वाला है क्योंकि सरकार द्वारा दिल्ली सेवा अध्यादेश को बदलने के लिए लोकसभा में एक विधेयक पेश किए जाने की संभावना है।

सरकार ने लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए 13 मसौदा कानूनों को भी सूचीबद्ध किया है, जबकि अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस सदन के समक्ष लंबित है। मणिपुर में हिंसा को लेकर संसद में गतिरोध और विपक्ष की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में बयान देने की मांग के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह इस मामले पर संसद में चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि गृहमंत्री अमित शाह के इस प्रस्ताव को विपक्ष ने पूरी तरह से ठुकरा दिया इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को संसद में मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर बोलने के लिए आखिरी प्रयास के रूप में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। 

 लोकसभा में संक्षिप्त चर्चा के बाद पांच विधेयक पारित किए क्योंकि विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग करते हुए नारे लगाए थे। वहीं राज्यसभा में भी तीन विधेयक पारित किए गए हैं जिनमें से एक सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक भी है जिसे पिछले सप्ताह पारित किया गया है।

लोकसभा में, सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023 को सूचीबद्ध किया है; संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2023; संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2023; जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023; जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2023; अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक, 2023; संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2023; अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 और भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2023 विचार और पारित करने के लिए। इसने सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक, 2023 को भी लोकसभा में मंजूरी के लिए सूचीबद्ध किया है, जिसे राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था।

इसके अलावा, अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2023 और प्रेस और आवधिक पंजीकरण विधेयक, 2023 को लोकसभा में लाने से पहले राज्यसभा में पेश किया जाएगा। मध्यस्थता विधेयक, 2021 को भी उच्च सदन की मंजूरी का इंतजार है।

बता दें कि राज्यसभा में इस सप्ताह जैविक विविधता (संशोधन) विधेयक, बहु-राज्य सहकारी सोसायटी विधेयक, वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक, जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, निरसन और संशोधन विधेयक, को लेने का कार्यक्रम है। राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग विधेयक, राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग विधेयक और खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, जो पिछले सप्ताह लोकसभा द्वारा पारित किए गए थे। ऐसे समय में जब लोकसभा अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, विपक्ष अपने विधायी एजेंडे के साथ आगे बढ़ने के सरकार के दृष्टिकोण से भी नाराज है। 

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