By अभिनय आकाश | Jul 12, 2023
बीजिंग ने नाटो के इस आरोप पर पलटवार किया कि चीन गुट के हितों और सुरक्षा को चुनौती देता है और उसने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने पदचिह्न का विस्तार करने के लिए सैन्य गठबंधन के किसी भी प्रयास का विरोध किया। लिथुआनिया की राजधानी विनियस में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के बीच में कड़े शब्दों में जारी एक विज्ञप्ति में नाटो ने कहा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) ने अपनी महत्वाकांक्षाओं और जबरदस्ती नीतियों से उसके हितों, सुरक्षा और मूल्यों को चुनौती दी है।
चीन ने कहा कि हम इसका दृढ़ता से विरोध करते हैं और इसे अस्वीकार करते हैं। नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने शिखर सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि हालांकि चीन नाटो का "प्रतिद्वंद्वी" नहीं है, लेकिन वह अपने जबरदस्ती वाले व्यवहार से नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। उन्होंने कहा कि चीन तेजी से नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है, यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध की निंदा करने से इनकार कर रहा है, ताइवान को धमकी दे रहा है और पर्याप्त सैन्य निर्माण कर रहा है।