By अभिनय आकाश | Nov 16, 2022
सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार ने 2016 में लिए अपने नोटबंदी के फैसले का बचाव किया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 2016 की नोटबंदी एक "सुविचारित" फैसला था और ये आतंकके वित्तपोषण, काले धन और कर चोरी के खतरे से निपटने के लिए एक बड़ी रणनीति का हिस्सा था। केंद्र ने 500 रुपये और 1,000 रुपये के मूल्यवर्ग के नोटों को विमुद्रीकृत करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए शीर्ष अदालत को बताया कि यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक के साथ व्यापक परामर्श के बाद उठाया गया था और नोटबंदी लागू करने से पहले बड़े स्तर पर तैयारी की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर सरकार ने कहा है कि फरवरी, 2016 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ केंद्र ने नोटबंदी की प्लानिंग की थी।
बता दें कि 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने के केंद्र सरकार के 2016 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया था। शीर्ष अदालत ने केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था। संविधान पीठ में जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामसुब्रमण्यम और बीवी नागरत्ना शामिल हैं।