मोदी के लिए डेनमार्क का तहलका, Norway की मीडिया को मिट्टी में मिलाया!

By अभिनय आकाश | May 20, 2026

भारत और पीएम मोदी की ताकत देख नॉर्वे की मीडिया इतनी पागल हो गई कि  सबसे निचले स्तर पर उतर आई। फ्रीडम ऑफ प्रेस की फर्जी लिस्ट में खुद को ऊपर बताने वाली नॉर्वे की मीडिया ने यह तस्वीर जारी करके सिर्फ पीएम मोदी का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का अपमान कर दिया है। लेकिन इस घटिया हरकत के बाद नॉर्वे के पड़ोसी देश डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने नॉर्वे में ही खड़े होकर पीएम मोदी के सामने नॉर्वे की ही मीडिया को मिट्टी में मिला दिया। डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने क्या तहलका मचाने वाला बयान दिया है। दरअसल नॉर्वे की सुपारी पत्रकार हेले लिंग की घटिया हरकत के कुछ घंटों बाद ही नॉर्वे के सबसे बड़े अखबार एफेन पॉस्टन ने पीएम मोदी और भारत के करोड़ों लोगों का मजाक बनाया। इस अखबार ने कार्टून बनाया जिसमें पीएम मोदी को एक सपेरे की तरह बीन बजाते दिखाया है और सांप की जगह पेट्रोल डीजल भरने वाले नोजल को दिखा दिया। यह अखबार अपमानजनक और नस्लवादी कार्टून बनाकर यह दिखाना चाहता था कि पीएम मोदी किस तरह से अपने देश में पेट्रोल और डीजल के दामों को कम करने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि नॉर्वे में भारत से बहुत पहले ही और भारत से बहुत ज्यादा पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ चुके हैं।  

इसे भी पढ़ें: Rome में PM Modi-Meloni की बड़ी बैठक, AI-Space जैसे सेक्टर्स में साथ काम करेगा India-Italy

2014 में नॉर्वे ने दलाई लामा से मिलने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि उसे चीन ने ऐसा करने से मना किया था। नॉर्वे की मीडिया आज तक उईगर मुसलमानों पर अपना मुंह नहीं खोल पाई है और यह लोग प्रेस फ्रीडम की बातें कर रहे हैं। बहरहाल नॉर्वे की मीडिया पीएम मोदी और भारत का अपमान कर रही थी। मगर नॉर्वे के पड़ोसी देश डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने पीएम मोदी और भारत को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दे दिया। डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब कोई मिडिल पावर नहीं है बल्कि भारत महाशक्ति बन चुका है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने भारत को इतनी बड़ी शक्ति बता दिया है कि नॉर्डिक देश भी उसके सामने कुछ नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि नॉर्डिक रीजन में पांच देश आते हैं। इनमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे भी शामिल है। यानी यह सभी देश भी मिल जाए तब भी भारत के मुकाबले में कमजोर पड़ेंगे। यह बात डेनमार्क की प्रधानमंत्री बोल रही हैं। 

प्रमुख खबरें

शक्तियों के बंटवारे का उल्लंघन, CJI ने राहुल गांधी को क्या याद दिलाया, यहां पढ़ें पूरी चिट्ठी

Mizoram में Jyotiraditya Scindia ने 350 करोड़ रुपये की 9 परियोजनाओं की रखी नींव

Navratri में फलाहार खाकर हो गए हैं बोर? इस बार ट्राई करें ये 3 चटपटी रेसिपी

Shardiya Navratri Day 3: मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, मंत्र और आरती