मर्दों की सोच साफ करने के चक्कर में Dettol ने खुद फैलाया ऐसा 'रायता', भड़क गए चीनी

By अभिनय आकाश | Jun 24, 2026

डेटॉल ब्रांड का नाम सुनते ही क्या याद आता है? वही जानी-पहचानी खुशबू, रोगाणुओं का खात्मा, चमचमाता घर और "डेटॉल का धुला" वो भरोसा। पिछले कई दशकों से इस कंपनी का पूरा साम्राज्य बस एक ही मंत्र पर टिका है कि हम आपको हर गंदगी से बचाएंगे। लेकिन जनाब, इस हफ्ते चीन में डेटॉल का नाम किसी कीटाणु को मारने के लिए नहीं, बल्कि खुद एक बहुत बड़ा 'रायता' फैलाने के लिए सुर्खियों में है! कहानी कुछ ऐसी है कि डेटॉल ने एक विज्ञापन बनाया था। मकसद तो नेक था मर्दों की घटिया सोच पर करारी चोट करना। लेकिन भाई साहब, तीर ऐसा उलटा चला कि निशाना खुद डेटॉल पर ही लग गया! विज्ञापन इतना भद्दा और विवादित निकला कि चीन के करोड़ों लोग भड़क गए और एक सुर में बोल पड़े, बहुत हुआ! अब से हमारे घर में डेटॉल नो-एंट्री! मजेदार बात तो देखिए... जिस कंपनी का पूरा धंधा ही दुनिया भर के दाग-धब्बे और गंदगी साफ करने का है, आज वो खुद अपने इस 'विज्ञापनी दाग' को साफ करने के लिए हाथ-पैर मार रही है, लेकिन नाकाम है। तो आखिर ऐसा क्या दिखा दिया डेटॉल ने कि चीन की जनता 'एंटी-डेटॉल' हो गई? चलिए, मामले का एमआरआई स्कैन करते हैं और शुरू से समझते हैं कि ये माजरा क्या है!

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डेटॉल ने अपने बचाव में क्या कहा

ब्रांड ने माफ़ी मांगी और इसके पीछे का मकसद बताया जेंडर से जुड़े रूढ़िवादी विचारों का विरोध करना और उनकी आलोचना करना; हालाँकि, बाद में ऑनलाइन फैले कुछ हिस्सों ने इसके मुख्य संदेश को गलत तरीके से पेश किया। 22 जून को डेटॉल ने एक बयान में कहा: हम मानते हैं कि इससे कई लोगों, खासकर महिलाओं को ठेस पहुँची है। विज्ञापन का कंटेंट बनाने और उसकी समीक्षा करने में हुई किसी भी लापरवाही की ज़िम्मेदारी हम लेते हैं। ब्रांड ने परिवारों की सेहत की सुरक्षा" के अपने मिशन का ज़िक्र करते हुए कहा, लेकिन हम अच्छी तरह जानते हैं कि असली सुरक्षा हर व्यक्ति की गरिमा और उनके साथ बराबरी का व्यवहार किए जाने के अधिकार की रक्षा करने में भी है। डेटॉल ने यह सुनिश्चित किया कि वह अपने कंटेंट मॉडरेशन प्रोसेस की समीक्षा करेगा। कंपनी ने माना कि ऐड की भाषा गलत थी और इसे जांचने में उनसे लापरवाही हुई। डेटोल ने यह भी कहा कि उनका मकसद हमेशा परिवारों की सेहत बचाना रहा है। लेकिन असली सुरक्षा का मतलब हर इंसान की इज्जत और बराबरी की रक्षा करना भी है। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि वह अपने कंटेंट जांचने का तरीका फिर से खड़ा करेंगे। 

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विज्ञापन कैसे बन गए गले की हड्डी

चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे वीबो और रेडनोट पर इस वक्त डेटॉल के खिलाफ गुस्से का ऐसा ज्वालामुखी फटा है कि लोग इस कंपनी को सीधे उम्मीद से परे और बेकार बता रहे हैं। एक यूजर ने भड़ास निकालते हुए लिखा, इतना घटिया विज्ञापन! इसे देखकर तो मैं अवाक रह गया हूं। वहीं दूसरे ने पूछा, इस कंपनी का सीनियर मैनेजमेंट आखिर सो रहा था क्या? अब से डेटॉल बंद, वैसे भी मार्केट में और भी बहुत सारे ब्रांड्स हैं। लोग इस विज्ञापन को दिमाग के लिए 'जहर' बता रहे हैं, और कई तो इसे दो मिनट से ज्यादा झेल ही नहीं पाए। असल में डेटॉल ने अपनी तरफ से इस विवाद को सुलझाने की बड़ी कोशिशें कीं, लेकिन चीनी जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा। लोगों का कहना है कि विज्ञापन की शुरुआत की कुछ लाइनें ही महिलाओं के प्रति इतनी असंवेदनशील और अपमानजनक थीं कि आगे चाहे कोई भी ट्विस्ट आया हो, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। चीन के डिजिटल ट्रेंड्स पर नजर रखने वाली मान्या कोएत्से ने भी इस पूरे कैंपेन को एक 'बड़ा कबाड़ा' करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस ब्रांड का पूरा धंधा ही साफ-सफाई पर टिका है, उसने एक मर्द के गलत नजरिए को दिखाने के चक्कर में खुद संदेश का ऐसा कबाड़ा किया कि पासा पूरी तरह उलटा पड़ गया। नतीजा यह है कि आज चीन के लोग इस ब्रांड को पूरी तरह बॉयकाट करने की मांग कर रहे हैं! 22 जून को इंटरनेट इंडस्ट्री पर नज़र रखने वाले लियू डिंगडिंग ने ग्लोबल टाइम्स से कहा कि यह विज्ञापन शोषणकारी मार्केटिंग का एक क्लासिक तरीका है, जिसका मकसद जानबूझकर लोगों का ध्यान खींचने और वायरल होने के लिए जेंडर के आधार पर भेदभाव को बढ़ावा देना है। लियू ने आगे कहा कि एक अच्छे ब्रांड को लोगों के बीच अपनी पहचान बनाने और अच्छी छवि बनाए रखने, दोनों पर ध्यान देना चाहिए। अफ़सोस की बात है कि आज कुछ कंपनियाँ ब्रांड की प्रतिष्ठा की परवाह किए बिना हर कीमत पर लोगों का ध्यान खींचना चाहती हैं-जो उनके कॉर्पोरेट मूल्यों में आई भारी गिरावट को दिखाता है। ऐसी मार्केटिंग बिल्कुल गलत है और इससे लोगों के बीच बातचीत का माहौल खराब होता है। अब समय आ गया है कि संबंधित कंपनियाँ अपनी गलत कम्युनिकेशन रणनीतियों में सुधार करें। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब डेटॉल ने चीन में ऐसी गड़बड़ की है। पिछले साल, एक विज्ञापन में यह लाइन दिखाने के बाद कंपनी एक और विवाद में फँस गई थी: "शादी से ठीक पहले महिला को वापस कर दिया गया; ऐसा इसलिए हुआ होगा क्योंकि वह साफ़-सुथरी नहीं थी।

पहले भी डेटॉल चीन में चर्चा में रहा 

यहां एक बात साफ कर देना जरूरी है क्योंकि कई जगह इसे डेटोल बैन कहकर पेश किया जा रहा है। सच यह है कि चीन में डेटॉल ब्रांड बैन नहीं हुआ है। किसी सरकारी आदेश से इस पर रोक नहीं लगी है। हुआ सिर्फ इतना है कि भारी विरोध के बाद कंपनी ने खुद अपना ऐड हटाया है और माफी मांगी है और लोगों के बीच बॉयकॉट की अपील तेज हो गई है। यानी बैन सरकार ने नहीं एक तरफ से जनता ने अपने गुस्से से लगाया है। हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है। बीबीसी और मलाई मेल की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में भी डेटॉल का एक ऐड चीन में विवादों में आया था। जिसमें एक औरत को शादी से ठीक पहले लौटा दिए जाने की बात थी इस इशारे के साथ कि शायद वो साफ नहीं थी। यानी एक ही तरह की सोच एक ही तरह का विवाद दूसरी बार। जानकार इसे दो तरह से देख रहे हैं। चीन के डिजिटल मीडिया पर नजर रखने वाली पत्रकार मान्या कोस से जो आई ऑन डिजिटल चाइना न्यूज़ लेटर चलाती हैं। बीबीसी से वह कहती हैं कि भले ही कंपनी का इरादा उस आदमी को गलत दिखाने का था लेकिन यह संदेश इतने भोंडे तरीके से दिखाया गया कि पूरा मामला उल्टा पड़ गया। वहीं ग्लोबल टाइम से बातचीत में एक इंडस्ट्री जानकार कहना था कि यह एक जानी पहचानी मार्केटिंग टैक्टिस है। जानबूझकर सेंसिटिव मुद्दे को छेड़ना ताकि ज्यादा ध्यान खींचे और वीडियो वायरल हो जाए। उनके मुताबिक ऐसी हरकत से थोड़ी देर की चर्चा तो मिल जाती है लेकिन ब्रांड की साख को गहरा नुकसान पहुंचता है। 

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