देवांग व्यास ने दिया इस्तीफा, बॉम्बे-गुजरात HC के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल का छोड़ा पद

By अभिनय आकाश | Jan 22, 2025

महाराष्ट्र और गुजरात के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल देवांग गिरीश व्यास ने मंगलवार को कानून मंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। व्यास ने दोनों राज्यों के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एक निजी मीडिया हाउस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे बार के साथ-साथ बेंच से भी बहुत स्नेह और सम्मान मिला। मैं एक बहुत संतुष्ट व्यक्ति के रूप में जा रहा हूं। मैं सिर्फ पद छोड़ रहा हूं, लेकिन मैं काम करना जारी रखूंगा। 48 वर्षीय व्यास मुंबई में रहते हैं और उन्होंने 12 वर्षों तक अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्य किया है।

इसे भी पढ़ें: एक जमानत को तैयार, दूसरे ने कहा- गलत होगा, ताहिर हुसैन की अर्जी पर बंटे SC के 2 जज, अब बड़ी बेंच का होगा गठन

उन्होंने गुजरात उच्च न्यायालय के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्य किया और जुलाई 2023 में छह महीने के लिए बॉम्बे उच्च न्यायालय के लिए शीर्ष सरकारी अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। कानूनी मामलों के विभाग के आदेश में कहा गया था कि व्यास का कार्यभार बॉम्बे हाई कोर्ट के लिए नियमित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की नियुक्ति तक था। हालाँकि, यह अवधि बढ़ती रही जबकि व्यास दोनों उच्च न्यायालयों की विभिन्न पीठों के बीच उलझते रहे। व्यास को जनवरी 2022 में गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा "वरिष्ठ अधिवक्ता" के पद से सम्मानित किया गया था।

इसे भी पढ़ें: Alien Enemies Act: 226 साल पुराने कानून के आगे अदालत भी मजबूर, मास डिपोर्टेशन के लिए ट्रंप ने बनाया कौन सा धांसू प्लान

व्यास ने अनिल सिंह से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल का पद संभाला था, जिन्होंने नौ साल तक अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्य किया था और जब महा विकास अघाड़ी सरकार सत्ता में थी, तब उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। व्यास ने एल्गार परिषद मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का भी प्रतिनिधित्व किया है।

प्रमुख खबरें

Kotia के 300 लोगों ने Andhra Pradesh चुनाव में डाला वोट, Odisha सरकार ने जांच के दिए आदेश

US Justice Department: हरमीत कौर ढिल्लों ने पद छोड़ा, मध्यावधि चुनाव बाद इस्तीफा

Kolkata के SRFTI में छात्रों के विरोध के बीच 11 दिसंबर तक बढ़ा परिसर बंद रखने का फैसला

झारखंड के मंत्री Irfan Ansari पर कानूनी कार्रवाई करे केंद्र, BJP ने उठाई मांग