By एकता | Oct 02, 2026
मुंबई में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और कुछ नागरिक संगठनों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ चलाया जा रहा "फर्जी नैरेटिव" चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बेनकाब हो गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य नागरिक संगठनों ने चुनाव आयोग के खिलाफ शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के मद्देनजर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया था।
पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने उन्हें "देशद्रोही" बताया और दावा किया कि देशभर के लोग उनके हटाए जाने की मांग का समर्थन करेंगे।
दास ने कहा, "जैसा कि आप देख सकते हैं, हम आज मुंबई से शुरुआत कर रहे हैं। यह बहुत बड़ा प्रदर्शन होने वाला है। पिछली बार मुंबई ने दिखाया था कि मुंबई की भावना क्या है।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछली बार जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था, तब पूरे देश के युवा और नई पीढ़ी के लोग सामने आए थे। इस बार भी ज्ञानेश कुमार के साथ ऐसा ही होने वाला है, जो देश के गद्दार हैं।"
कॉकरोच जनता पार्टी ने इससे पहले एसआईआर को रोकने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगें रखी थीं।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि बार-बार होने वाले प्रदर्शनों से आम लोगों को परेशानी होती है।
स्थानीय निवासी सुनील भागवत ने कहा, "हम इस पार्क में घूमने आते हैं, लेकिन हाल के दिनों में यहां कई प्रदर्शन हो रहे हैं। आम लोगों को हो रही परेशानी के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या संविधान ने आपको बाकी लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां नहीं बताई हैं? यहां आम आदमी को होने वाली दिक्कतों के लिए कौन जिम्मेदार है?"
एक अन्य स्थानीय निवासी रविंद्र ने पहले हुए एक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात प्रभावित हुआ था और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया, "पिछली बार जब इन लोगों ने प्रदर्शन किया था, तब उन्होंने कहा था कि यह अचानक हुआ प्रदर्शन है। इतनी बड़ी भीड़ जुटी थी कि वह दादर शिवाजी पार्क स्टेशन तक पहुंच गई थी। यहां आने वाले लोगों पर शराब की बोतलें फेंकी गई थीं।"
उन्होंने प्रदर्शन स्थल के पास स्कूल और अस्पताल होने का भी जिक्र किया और दावा किया कि पिछले प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी।
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों के लिए समयसीमा भी बढ़ाई है। आयोग के मुताबिक, बड़ी संख्या में मतदाताओं से जुड़े विवरणों की समीक्षा की जा रही है और मसौदा सूची में शामिल नहीं हो पाए लोग तय प्रक्रिया के तहत अपना नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं।