By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 10, 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और उनके लिए वर्दीधारी पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अग्निवीरों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भरोसा दिलाया। ओपी कंडारी नाम के कैडेट ने पूछा कि सरकार अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद उनके रोजगार की क्या व्यवस्था कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी (राज्यस्तरीय बलों)पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है जबकि इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार भी अनेक क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर मुहैया करा रही है।
हिमांशु रौतेला ने उनसे प्रश्न किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते वह अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और सभी गांव उनके अपने गांव हैं। यह पूछे जाने पर कि उनकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में क्यों बनी तो मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ सदैव सौम्य होना चाहिए लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर व साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है, प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से कार्य करने के लिए मिलने वाली ऊर्जा और प्रेरणा की वजह से उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास को नयी गति देने के लिए पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इससे पहले, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में स्थापित हुई है।