By अनन्या मिश्रा | Feb 13, 2026
ज्योतिष शास्त्र में रत्नों के विशेष महत्व के बारे में बताया गया है। रत्नों में हीरा रत्न को ज्यादा आकर्षक और प्रभावशाली माना गया है। हीरा शुक्र ग्रह का रत्न माना गया है। वहीं ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, प्रेम और सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि अगर सही विधि से हीरे को धारण किया जाए, तो जातक का जीवन खुशियों से भर जाता है। लेकिन अगर इसको कोई गलत तरीके से पहनता है, तो उसका जीवन परेशानियों से भर जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हीरा पहनने की विधि और लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं।
शुक्र ग्रह तुला और वृषभ राशि के स्वामी हैं। इस कारण से इन दो यानी की तुला और वृषभ राशि के जातकों को हीरा पहनना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि हीरा धारण करने से व्यक्ति की किस्मत चमक जाती है।
वहीं मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के लोगों को हीरा नहीं पहनना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हीरा धारण करने से जातक की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। वहीं धन लाभ के भी योग बनते हैं और जातक को जीवन में सभी तरह के सुख मिलते हैं।
वहीं हीरा धारण करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है। तनाव से छुटकारा मिलता है और पति-पत्नी के रिश्ते मजबूत होते हैं और रिश्ते में भी मधुरता आती है।
हीरा पहनने से जातक को जीवन में सफलता मिलती है।
हीरा धारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
हीरा को प्लैटिनम और सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण कर सकते हैं।
पुरुष दाएं हाथ में और महिलाएं बाएं या फिर दाएं हाथ की मध्यमा अंगुलि में धारण कर सकते हैं।
शुक्रवार का दिन हीरा पहनने के लिए शुभ माना जाता है।
शुक्रवार को सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद हीरा को जल, गंगाजल और दूध से हीरा को शुद्ध कर लें। फिर इसको पहनें। इस दौरान 'ऊँ शुं शुक्राय नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें।