Hormuz में टकराए भारत-पाकिस्तान नेवी के युद्धपोत? फिर जो हुआ...

By अभिनय आकाश | Apr 18, 2026

स्टेट ऑफ हार्मोंस के बेहद संवेदनशील समुद्री इलाके में अचानक भारत और पाकिस्तान की युद्धपोत गतिविधि ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रीट ऑफ हॉर्मोस से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें दावा किया गया है कि भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के जहाज बेहद करीब ऑपरेट करते नजर आए। दोनों देशों के जहाजों के बीच दूरी लगभग 18 समुद्री यानी करीब 33 किमी बताई जा रही है। जिससे समुद्री सुरक्षा एजेंसियों में भी हलचल मच गई। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस विश्लेषक डेमियन साइमन ने इस गतिविधि को लेकर जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्ट पर बताया है कि ओमान के तट के पास दोनों देशों के युद्धपोत समानांतर रूप से सक्रिय नजर आए।  उनका कहना है कि क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच दोनों नौसेनाएं अपने-अपने व्यापारिक और रणनीतिक हितों की सुरक्षा में जुटी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार भारतीय नौसेना ने ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक अपनी उपस्थिति और मजबूत कर दी है। 

इसे भी पढ़ें: तेल, गैस...भारत का दिल देखो, मुसीबत में एक नहीं अनेक देशों को कर रहा मदद

भारतीय युद्धपोतों को खासतौर पर एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाले जहाजों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। एक अधिकारी के मुताबिक नौसेना ना केवल इन जहाजों की ट्रैकिंग कर रही है बल्कि उन्हें सुरक्षित मार्ग भी उपलब्ध करा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। अनुमान यह भी है कि इस समय 10 से अधिक भारतीय जहाज इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि युद्ध विराम की स्थिति बनी हुई है। लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी गहरे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाए। जबकि तेहरान इस [संगीत] पर सहमत बिल्कुल नहीं दिख रहा। इसी बीच दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की वार्ता की संभावना भी बन रही हैं। ईरान ने संकेत दिए हैं कि यदि कोई ठोस समझौता होता है तो वो स्टेट ऑफ हॉर्मो से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित सुनिश्चित करने में सहयोग कर सकता है। इसके बदले ईरान अपनी अर्थव्यवस्था पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है। 

इसे भी पढ़ें: पाकिस्‍तान बनेगा कूटनीति का केंद्र! US-Iran संकट पर सोमवार को दूसरे दौर की वार्ता संभव

वर्षों से प्रतिबंध झेल रहे ईरान के लिए यह वार्ता आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्टेट ऑफ हॉर्मोस दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की हलचल अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा असर डाल सकती है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान दिया है कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हो रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कोई शांति समझौता होता है तो वह उसमें शामिल हो सकते हैं। साथ ही ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि यह समझौता इस्लामाबाद में फाइनल होता है तो वह पाकिस्तान जाने पर विचार कर सकते हैं। 

प्रमुख खबरें

Delhi में आतिशबाजी के बाद Air Quality गंभीर, 20 निगरानी केंद्रों पर AQI खतरनाक स्तर पर

West Bengal में Kali Puja पर उमड़ी भारी भीड़, दक्षिणेश्वर और कालीघाट में लगीं कतारें

Delhi में पाबंदियों की अनदेखी कर देर रात तक फूटे Firecrackers, AQI 376 तक पहुंचा

Thailand में शुरू हुआ 27 दिवसीय Grand Diwali Festival, PM ने किया शुभारंभ