Kamakhya Temple में पुजारी को मिली Divine Power, खौलते तेल से यूं निकालते हैं महाप्रसाद

By अनन्या मिश्रा | Jan 22, 2026

असम की राजधानी गुवाहाटी में नीलाचल पर्वत पर मां कामाख्या का मंदिर है। इस मंदिर को देवी सती के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर सिर्फ अपनी तांत्रिक साधनाओं और शक्ति पूजा के लिए नहीं बल्कि अपनी चमत्कारी और अनोखी परंपराओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इन चमत्कारों में से एक यहां का प्रसाद वितरण करना है। प्रसाद वितरण करने के लिए मंदिर के पुजारी खौलते हुए तेल में हाथ डालकर मां का भोग बनाते हैं। फिर इसी प्रसाद को भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मां कामाख्या मंदिर की अनोखी और चमत्कारी परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं।

मंदिर के पुजारी या सेवारत पुजारी जो इस विशेष कार्य को करने के लिए तैयार होते हैं, वह पूजा और विशेष मंत्रों का जाप करने के बाद इसी खौलते हुए घी या तेल में अपना हाथ डालते हैं। पुजारी जलते हुए तेल से प्रसाद निकालकर फौरन भक्तों को वितरित कर देते हैं। वहीं हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पुजारी के हाथ पर कोई छाला, घाव या जलन का निशान नहीं पड़ता है।

श्रद्धालु और मंदिर से जुड़े लोग इस घटना को मां कामाख्या का साक्षात् चमत्कार मानते हैं, जोकि उनकी असीम शक्ति और पुजारी की अटूट आस्था का प्रतीक है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह मंदिर तांत्रिक शक्तिपीठ है और खुद मां कामाख्या देवी अपने पुजारी को ऐसी दिव्य शक्ति प्रदान करती है। जिससे पुजारी को अग्नि का कोई डर नहीं रहता है। यह मां कामाख्या की कृपा का प्रमाण माना जाता है।

माना जाता है कि जो भी पुजारी यह कार्य करते हैं, वह साल भर कठोर तपस्या, साधना और व्रत का पालन करते हैं। इन पुजारियों का पवित्र आचरण और दृढ़ विश्वास ही उनको यह अलौकिक कार्य करने की शक्ति देता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसको भक्तों की आस्था को मजबूत करने वाला एक दिव्य संकेत माना जाता है।

प्रमुख खबरें

Heatwave का प्रचंड असर, AC-Cooler ने बढ़ाया Load, बिजली की मांग 252 GW के नए शिखर पर

Char Dham Yatra: बद्रीनाथ के पास व्यास गुफा-भीम पुल जैसे 5 Divine स्पॉट्स जरूर देखें

IPL 2026: फिट होकर भी कूपर कोनोली क्यों नहीं कर रहे गेंदबाजी? यहां जानें वजह

Iran-US Talks: ईरानी विदेश मंत्री ने Asim Munir से की मुलाकात, America के आगे झुकने से और सीधी बातचीत से तेहरान का साफ इंकार