By अंकित सिंह | Aug 15, 2026
कांग्रेस ने शनिवार को पार्टी नेता सोनिया गांधी का बचाव किया। यह बचाव स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के समय उनके कथित इशारों को लेकर हुए विवाद के बीच किया गया। इस घटना के बारे में बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि बैकग्राउंड में कुछ हलचल हो रही थी और सोनिया गांधी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी का इंतज़ाम हो जाए, क्योंकि वे बुज़ुर्ग हैं और काफ़ी देर से खड़े थे।
यह स्पष्टीकरण तब आया जब सोनिया गांधी और खड़गे का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे कथित तौर पर ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के दौरान इशारा करते हुए दिखे, जिससे उनकी आलोचना हुई। कांग्रेस मुख्यालय में झंडा फहराने के समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया। भाजपा ने इसे अब मुद्दा बना लिया है। अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा कि पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ।‘वंदे मातरम्’ की शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी असहज हो गईं और पूरे गीत के गायन के बजाय इसे रोकने के लिए कहा। राहुल गांधी ने भी इसे रोकने का संकेत दिया। लेकिन उन्हें इसे जारी रखने के लिए कहा गया। संदेश स्पष्ट था: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए और जानबूझकर इसमें व्यवधान डालने या इसका अपमान करने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आखिरकार, दोनों को पीछे हटना पड़ा और पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया। दशकों से गांधी परिवार और कांग्रेस की एक ऐसे भारत की अवधारणा के साथ असहजता दिखाई देती रही है, जो अपनी सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत मूल्यों में दृढ़ता से निहित हो। विडंबना देखिए कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही यह असहजता फिर उजागर हो गई।