तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों शासन में नाम के सिवा कोई अंतर नहीं : हर्षवर्धन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 07, 2021

कोलकाता। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार और वाम मोर्चेके तीन दशक से अधिक लंबे शासन के बीच नाम के सिवा कोई ज्यादा अंतर नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य में सरकार का बदलना ‘अपरिहार्य’ है।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की महामारी से लड़ने के लिए राज्य सरकार को 275.99 करोड़ रुपये की राशि दी गई। हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘राज्य में 34 साल तक एक व्यवस्था थी, फिर पिछले 10 साल से दूसरी आई, केवल नाम बदला। सभी तरह की जबरदस्ती एवं प्रणाली एक ही रही।’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘संभवत: उन्होंने (ममता बनर्जी सरकार ने) कुछ चीजें (भ्रष्टाचार) अपनी सुविधा के अनुसार बढ़ाई।’’ किसी का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा कि राज्य के लोग “भाई-भतीजावाद”, बढ़ते भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से आजिज आ चुके हैं।

इसे भी पढ़ें: कृषि कानूनों के विरोध में इंदौर में कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति ने नाम सौंपा ज्ञापन

हर्षवर्धन ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मुझे बीते एक साल से विभिन्न स्रोतों से जो जानकारी मिल रही है, उससे संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल में बदलाव अपरिहार्य है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा दिन में शुरू रथ यात्रा से इस प्रक्रिया को मजबूती मिल सकती है। लोग राज्य में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण में बढ़ोतरी और भाई-भतीजावाद से आजिज आ चुके हैं।” पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिये अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं।

कोलकाता में एक स्वास्थ्य सम्मेलन में शामिल होने के लिए एक दिवसीय दौरे पर आए हर्षवर्धन नेकहा, हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘ मा, माटी, मानुष का स्थान अब फिरौती एवं तुष्टिकरण ने ले लिया है। क्या कोई विश्वास कर सकता है कि यह वह भूमि है जो सभी को प्रेरणा देती है। क्या कोई भरोसा कर सकता है कि यह भूमि स्वामी विवेकानंद, राम कृष्ण, रवींद्रनाथ टैगोर और कई अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘लूट और हत्या हो रही है...हाल में अमित जी (केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह) ने करीब 300 मामलों की बात की थी।’’

ममता बनर्जी द्वारा कोविड-19 महमारी से लड़ने के लिए राज्य को केंद्र से मदद नहीं मिलने के आरोपों पर हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘ मैं आप सभी से जो कह रहा हूं, वह तथ्यों एवं आंकड़ों पर आधारित है और अगर आप इसमें एक गलती पाते हैं ,तो सजा भुगतने को तैयार हूं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘ मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में, जो 1993 में शुरू हुई, एक भी झूठ नहीं बोला। सभी बाते रिकॉर्ड पर हैं कि राज्य को कितना दिया गया।

प्रमुख खबरें

Bengaluru की Startup Pronto पर बड़ा आरोप, AI Training के लिए घरों में हो रही Video Recording?

USA में भारतीय सेना का जलवा, Gulveer Singh ने National Record तोड़कर जीता सिल्वर मेडल

Harry Kane की हैट्रिक ने दिलाई Bayern Munich को डबल ट्रॉफी, एक सीजन में दागे रिकॉर्ड 61 गोल।

IPL 2026 Playoffs की तस्वीर साफ, Rajasthan की एंट्री के साथ ये Top-4 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी