By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 30, 2026
ग्लास्गो, 29 जुलाई भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में इतिहास रचते हुए पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में शीर्ष दो स्थान हासिल किए जब दिलीप महादू गावित ने स्वर्ण और मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाथ ने रजत पदक जीता। सक्षम खिलाड़ियों की पुरुष लंबी कूद प्रतियोगिता में मुरली श्रीशंकर ने भी इतिहास बनाया जब वह रजत पदक के साथ इस स्पर्धा में लगातार दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। दिलीप ने 10.71 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड और सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता।
इससे पहले मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा भारोत्तोलन वर्ग में और शर्मिला धनखड़ ने पैरा एथलेटिक्स की महिलाओं की गोला फेंक एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा पैरा एथलेटिक्स की फर्राटा प्रतियोगिता है जिसमें एक हाथ में शारीरिक अक्षमता या उसके अभाव वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इससे शरीर के एक हिस्से की ताकत, गति या समन्वय प्रभावित होता है।
बर्मिंघम 2022 में रजत पदक जीतने वाले 27 वर्षीय श्रीशंकर ने इस बार 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद लगाकर एक और रजत पदक अपने नाम किया। यह उपलब्धि उनके लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले साल गंभीर घुटने की चोट के बाद उनके करियर पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। श्रीशंकर से पहले इस स्पर्धा में भारत के लिए केवल सुरेश बाबू (पुरुष कांस्य, 1978), अंजू बॉबी जॉर्ज (महिला कांस्य, 2002) और एम प्रजुषा (महिला रजत, 2010) ही पदक जीत पाए थे।
जमैका के पूर्व विश्व चैंपियन ताजे गेले ने 8.15 मीटर की कूद के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि मेजबान स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय एथलीट यशस पलाक्षा और संतोष के तमिलरासन ने पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बना ली। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी हीट में सबसे तेज दो क्वालीफायर के बाद तीसरे स्थान पर रहते हुए (फास्टेस्ट लूजर) फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
संतोष ने दूसरी हीट में 49.51 सेकेंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया जबकि यशस पहली हीट में 49.65 सेकेंड का समय निकालते हुए तीसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनिमेष कुजूर ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए बुधवार को राष्ट्रमंडल खेलों में 200 मीटर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। तेइस वर्ष के कुजूर ने 20 . 46 सेकेंड का समय निकालकर पहले दौर में चौथी हीट में जीत दर्ज की और कुल सातवें स्थान पर रहे।
भारतीय पुरुष गोला फेंक खिलाड़ी तेजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल ने आसानी से फाइनल के लिये क्वालीफाई कर लिया। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तूर ने दो प्रयासों में ही ग्रुप ए से 20 मीटर का स्वत: क्वालीफिकेशन मार्क हासिल कर लिया। उनका पहला प्रयास 19 . 93 मीटर और दूसरा 20 . 14 मीटर था।
उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया। ग्रुप बी से गिल का सर्वश्रेष्ठ प्रयास पहला ही था जिसमें उन्होंने 19 . 95 मीटर का थ्रो फेंका। दूसरा थ्रो 19 . 75 मीटर और तीसरा फाउल रहा।
मनप्रीत सिंह ने महिलाओं के गोला फेंक फाइनल में 17.49 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया और पदक से चूक गईं। महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में भारत की पारुल चौथरी ने निराश किया और नौ मिनट 26.75 सेकेंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं।