CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों को भाजपा शासित राज्यों में कुत्तों की तरह गोलियों से मारा गया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 13, 2020

कोलकाता। पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने अपने इस बयान से विवाद खड़ा कर दिया है कि ‘‘सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को भाजपा शासित राज्यों में कुत्तों की तरह गोलियों से मारा गया’’। इस पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ ही भाजपा के कुछ नेताओं ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। घोष ने रविवार को नादिया जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिसंबर में राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर गोली चलाने तथा लाठीचार्ज का आदेश नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने कहा था, ‘‘दीदी की पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया क्योंकि वे उनके मतदाता थे। उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक में हमारी सरकारों ने इन लोगों को कुत्तों की तरह गोली चलाकर मार दिया।’’

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घोष ने सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी की घटनाओं के लिए उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक की भाजपा सरकारों का बचाव किया था और कहा था कि उन्होंने सही किया। भाजपा नेता ने कहा था कि आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों को उत्तर प्रदेश की तरह गोली मार देनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘वे यहां आते हैं, सारी सुविधाओं का फायदा उठाते हैं और देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। क्या यह उनकी जमींदारी है?’’ घोष ने मांग की कि हिंदू बंगालियों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे लोगों को पहचानना होगा। घोष के बयान पर माकपा के वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘भाजपा दावा कर रही है कि उनकी राज्य सरकारों ने गोली नहीं चलाई। अब सच सामने आ गया है। दिलीप घोष ने हकीकत बयां कर दी है।’’

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