Satyajit Ray Death Anniversary: वो निर्देशक जिसने Indian Cinema को दिलाई पहचान, ऑस्कर तक पहुंचा जिसका नाम

By अनन्या मिश्रा | Apr 23, 2026

आज ही के दिन यानी की 23 अप्रैल को सत्यजीत रे ने इस दुनिया को अलविदा कहा था। सत्यजीत रे द्वारा किए गए काम आज भी फिल्ममेकर्स के लिए मिसाल हैं। उन्होंने अपने करियर में कई हिट फिल्में दी थीं। बता दें कि सत्यजीत रे को उनके काम के लिए ऑस्कर से भी नवाजा गया था। वहीं यह सत्यजीत रे की फिल्मों का जादू है, जो आज सिनेमा इतना आगे पहुंच गया है। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर सत्यजीत रे के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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फिल्म बनाने का आइडिया

इस मुलाकात के बाद सत्यजीत रे के मन में फिल्म बनाने का विचार आया। वहीं साल 1950 में वह अपने ऑफिस के काम से लंदन गए और इस दौरान उन्होंने वहां कई फिल्में देखीं। लेकिन फिल्म 'बाइसिकल थीव्स' को देखकर सत्यजीत रे का आइडिया पक्का हो गया।

पहली फिल्म

भारत लौटने के बाद सत्यजीत रे ने पहली फिल्म बनाने पर काम शुरू किया। साल 1952 में सत्यजीत ने नौसिखिया टीम के साथ अपनी पहली फिल्म 'पाथेर पंचोली' की शूटिंग शुरूकर दी थी। लेकिन कोई फाइनेंसर नहीं होने के कारण फिल्म की शूटिंग बीच में ही रुक गई थी। तब बंगाल सरकार उनकी मदद के लिए आगे आई और फिल्म की शूटिंग पूरी हुई। यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और इस फिल्म के लिए उनको कई अवॉर्ड भी मिले। इसके बाद सत्यजीत रे ने फिल्म 'महापुरुष', 'चारूलता' और 'कंजनजंघा' जैसी कई हिट फिल्में बनाईं।

पुरस्कार

सत्यजीत रे को भारत सरकार की ओर से 32 राष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए थे। वहीं साल 1985 में उनको दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। इसके बाद साल 1992 में सत्यजीत रे को 'भारत रत्न' और ऑस्कर 'ऑनरेरी अवॉर्ड फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट' भी दिया गया था। लेकिन तबियत ठीक न होने की वजह से सत्यजीत रे ऑस्कर लेने नहीं जा सके। ऐसे में पदाधिकारी खुद उनको सम्मान देने के लिए कोलकाता आए थे।

मृत्यु

वहीं 23 अप्रैल 1992 को सत्यजीत रे का निधन हो गया था।

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