जनसंख्या नियंत्रण पर कानून को लेकर राजग में मतभेद

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 11, 2022

पटना|  बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के भीतर जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाने की केंद्र की योजना को लेकर मतभेद अब सामने आने लगे हैं। गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि कानून बनाए जाने से जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी बल्कि इसे सिर्फ महिलाओं और लड़कियों को शिक्षित करके हासिल किया जा सकता है।

नीतीश की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने स्वीकार किया कि पिछले 15 वर्षों में लड़कियों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के परिणामस्वरूप प्रदेश में प्रजनन दर 4 से गिरकर 2.98 प्रतिशत रह गई है। हालांकि सुशील ने यहां जारी एक बयान में कहा कि बिहार में नगर निकाय की तरह पंचायत चुनाव में भी दो या उससे कम बच्चों के माता-पिता को ही चुनाव लड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने आगे सुझाव दिया कि ‘‘भारत सरकार और बिहार सरकार अन्य अनेक योजनाओं में भी ऐसा प्रावधान कर सकती है उनका लाभ अधिकतम दो या तीन बच्चों वाले परिवार को ही मिल सके।’’ सुशील ने कहा कि आपातकाल के दौरान जबरदस्ती नसबंदी का खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा था, अतः जनसंख्या स्थिरीकरण के बारे में बहुत सोच समझ कर रणनीति बनाने की आवश्यकता है।

हालांकि इस मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का दृष्टिकोण अपनी पार्टी के नेता सुशील कुमार मोदी से थोड़ा अलग है। जायसवाल ने बृहस्पतिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि जागरुकता और महिला शिक्षा, जिसमें बिहार ‘‘फिसड्डी’’ राज्य बना हुआ है, जनसंख्या वृद्धि की समस्या को हल नहीं कर सकते

उन्होंने अपने में पोस्ट में कहा था कि बिहार का जनसंख्या घनत्व 1224 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है जो राष्ट्रीय औसत 464 का लगभग तीन गुना है। राज्य में जनसंख्या नियंत्रण के लिए नई योजनाओं और प्रोत्साहनों की तत्काल आवश्यकता है।

प्रमुख खबरें

Lok Sabha की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, वंदे मातरम का हुआ गान, पीएम मोदी-अमित शाह रहे मौजूद

हूती विद्रोहियों का सबसे बड़ा हमला..सऊदी के जहाज को उड़ाया!

कर्नाटक विधानसभा में Food Safety Raid, थाली में मिले Cockroaches, मंत्रियों की सेहत से खिलवाड़

Health Tips: Self-Confidence पर चोट करते हैं पीरियड्स कमेंट्स, महिलाओं की Mental Health पर पड़ता है गहरा असर