By अभिनय आकाश | Jul 21, 2023
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने संसद के चल रहे मानसून सत्र के दौरान विवादास्पद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) संशोधन विधेयक पर चर्चा के साथ-साथ मतदान से भी दूर रहने का फैसला किया। यह कदम महत्वपूर्ण होगा क्योंकि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को राज्यसभा में संख्या जुटाने में कठिनाई हो रही है। पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में विधेयक की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनने का फैसला किया है। अगर ऐसा हुआ तो बसपा मतदान से भी दूर रहेगी। जहां लोकसभा में बसपा के नौ सदस्य हैं, वहीं उच्च सदन में उसका केवल एक सांसद है।
विपक्षी दल भाजपा के गलत पक्ष को उजागर न करने की सावधानी बरतते हुए दूर रहेंगे, एक ऐसा कदम जिससे उन दलों को साहस मिलने की उम्मीद है, जिन्हें आम आदमी पार्टी (आप) ने उस विधेयक को रोकने के लिए लामबंद किया है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) विधेयक, 2023 को बदलने के लिए मानसून सत्र में आने की उम्मीद है। आप ने इस अध्यादेश को निर्वाचित सरकार को दरकिनार करने और सिविल सेवकों का नियंत्रण उपराज्यपाल को सौंपने को संघवाद के सिद्धांत का उल्लंघन बताया था।