परंपरा और करुणा का संगम! Disha Patani और PETA Indiaने केरल के मंदिर को भेंट किया 'रोबोटिक हाथी'

By रेनू तिवारी | Feb 16, 2026

केरल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आधुनिक और मानवीय स्पर्श देते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी और पेटा (PETA) इंडिया ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने त्रिशूर के थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली मंदिर को एक वास्तविक आकार का यांत्रिक (मैकेनिकल) हाथी भेंट किया है, जिसका शनिवार को भव्य समारोह में अनावरण किया गया।

इसे भी पढ़ें: Mumbai Metro Pillar Collapse पर Hrithik Roshan ने जताई चिंता, अधिकारियों से की सख्त कार्रवाई की मांग

बयान में आगे कहा गया है कि यांत्रिक हाथी का उद्घाटन समारोह और पंचवाद्यम प्रदर्शन के साथ स्वागत किया गया। यह रबर, फाइबर, धातु, जाली, फोम और स्टील से बना सातवां ऐसा हाथी है, जो पांच मोटरों द्वारा संचालित है और त्रिशूर के एक मंदिर को दान किया गया है। पाटनी ने बयान में कहा, मुझे बहुत खुशी है कि यांत्रिक हाथी थोडाथरा कलापट्टू देवी दासन का इस्तेमाल अब थोडाथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम में अनुष्ठानों और समारोहों के लिए किया जाएगा, ताकि परंपराएं अनुग्रह और करुणा के साथ जारी रह सकें।

इसे भी पढ़ें: Ranbir Kapoor हुए Dhurandhar के मुरीद हुए, Ranveer Singh की फिल्म को बताया अपनी 'फेवरेट'

कैपामंगलम विधानसभा क्षेत्र से भाकपा विधायक ई टी टायसन मास्टर ने इसकास्वागत करते हुए कहा कि यांत्रिक हाथी का चयन एक प्रगतिशील कदम है जो जानवरों और जनता दोनों की रक्षा करता है। उन्होंने अपने बयान में कहा, थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम ने केरल के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह दयालु निर्णय हमारी सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सुरक्षित समारोहों को सुनिश्चित करता है। पेटा ने कहा कि यांत्रिक हाथी दिखने में, महसूस करने में और काम करने में असली हाथी जैसा होता है।

News Source- Press Trust OF India 

प्रमुख खबरें

155 एयरक्राफ्ट, किसी ने लीक किया प्लान, ट्रंप ने ईरान में चलाए गए ऐतिहासिक रेस्क्यू की कहानी सुनाई

West Asia में तनाव घटाने की बड़ी कोशिश, Iran-USA के बीच Ceasefire प्रस्ताव पर पाकिस्तान की मध्यस्थता

Iran में अमेरिकी बचाव अभियान बना चेतावनी, जमीनी कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल

Sathankulam Custodial Death केस में 9 Policeकर्मियों को फांसी, Madurai कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला।