By दिव्यांशी भदौरिया | Nov 06, 2026
खुशियां, रोशनी और उत्साह का पर्व है दिवाली। इस दिन हर तरफ खुशियों का माहौल छा जाता है। घरों में लोग दीये जलाते हैं, लाइट्स लगाते हैं और इसके साथ ही खुशियां मनाते हैं। लेकिन इस रोशनी के त्योहार पर अपनी आंखों की सेहत का खासा ख्याल रखें।
नियमित रुप से आंखों की देखभाल और चेकअप बेहद जरुरी है। खासतौर पर जब दिनभर स्क्रीन देखते हैं और साथ ही पटाखों व पराली का धुआं भी आंखों में लगने लगता है।
आंखों की नियमित जांच क्यों है जरूरी?
अक्सर लोगों को यही लगता है कि आंखों की जांच केवल तब जरुरी है, जब धुंधला नजर आए, दर्द हो या आंखों से संबंधित कोई परेशानी हो। लेकिन ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी समस्याएं हैं, जो शुरुआती स्टेज में बिना किसी लक्षण के चुपचाप विकसित होती रहती है। नियमित आई चेकअप में ऐसी समस्याओं का वक्त रहते हुए पता चल जाता है।
दिवाली के दौरान आंखों की सुरक्षा और प्रदूषण
दिवाली के दौरान आंखें धुएं, धूल और हवा में पाए जाने वाले प्रदूषकों के संपर्क में आते हैं, तो इससे ड्राईनेस, एलर्जी और जलन बढ़ जाती है। आंखें लाल होना, खुजली और आंखों से पानी आने जैसे लक्षण नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही ऐसी कोई समस्या होने पर आंखों को रगड़ना भी नहीं चाहिए, क्योंकि इससे जलन बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त, जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं या मेकअप लगाते हैं, उन्हें भी अपनी पर्सनल हाइजीन का ख्याल रखना है। इस बात को गांठ बांध लें किसी अन्य व्यक्ति के साथ अपने कॉन्टैक्ट लेंस और मेकअप शेयर न करें।
स्क्रीन का आंखों पर असर
अगर आप घंटों तक स्मार्टफोन, कंप्यूटर और टीवी की स्क्रीन के सामने लंबे समय तक बैठे रहेंगे, तो इससे डिजिटल आई स्ट्रेन, ड्राईनेस और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए 20-20-20 का नियम को जरुर फॉलो करें, मतलब हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 सेकंड के लिए 20 फीट की दूरी पर रखी चीजें को देखें, वहीं, स्क्रीन को बहुत ही करीब से न देखें।
सालभर रखें आंखों की साफ-सफाई का ध्यान
इस दौरान आंखों की हाइजीन का खासा ध्यान रखना है। आंखों को छूने से पहले हाथ जरुर धोएं, सोने से पहले अपना सारा मेकअप रिमूव कर लें। बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें।
जब आंखें लाल हो, दर्द, असमान्य रूप से पानी आना या धुंधला दिखने जैसे लक्षण दिखाई दें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।