By रेनू तिवारी | Apr 08, 2026
पश्चिम एशिया से आई शांति की खबर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था सहित भारतीय शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीज़फ़ायर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के फैसले ने निवेशकों के बीच उत्साह की लहर पैदा कर दी है। मंगलवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर चारों तरफ 'हरियाली' नज़र आई।
कारोबार की शुरुआत होते ही बेंचमार्क इंडेक्स ने लंबी छलांग लगाई। निवेशकों के सेंटिमेंट इतने मजबूत थे कि शुरुआती कुछ मिनटों में ही बाज़ार की कुल संपत्ति (Market Cap) में लगभग 14 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया।
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में ऐतिहासिक उछाल देखा गया। सुबह 9:25 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, S&P BSE सेंसेक्स ने 2,541.76 अंकों की तूफानी बढ़त दर्ज की, जिसके साथ यह 77,157.73 के स्तर पर पहुंच गया। इसी सकारात्मक रुख को दोहराते हुए, NSE निफ्टी50 में भी 746.20 अंकों की शानदार तेजी देखी गई और यह 23,869.85 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बेंचमार्क इंडेक्स में आई इस जोरदार तेजी ने दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी और बाजार के कुल पूंजीकरण में मिनटों के भीतर भारी इजाफा कर दिया।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या हैं संकेत?
होर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुलना वैश्विक सप्लाई चेन के लिए वरदान साबित होगा, जिससे महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 14 दिनों में इस्लामाबाद वार्ता सफल रहती है, तो भारतीय बाज़ार में यह तेज़ी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
बाज़ार में तेज़ी के 3 मुख्य कारण:
होर्मुज़ ट्रांज़िट: तेल और गैस की निर्बाध सप्लाई की उम्मीद।
भू-राजनीतिक राहत: युद्ध का खतरा टलने से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भरोसा बढ़ा।
डॉलर में स्थिरता: वैश्विक तनाव कम होने से रुपये को मजबूती मिलने की संभावना।