DK Shivakumar बोले जनता डरे तो Democracy तानाशाही बन जाती है

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 15, 2026

(फाइल फोटो के साथ) बेंगलुरु, 15 सितंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि जब लोग सरकार से डरने लगते हैं तो लोकतंत्र तानाशाही में बदल जाता है। उन्होंने सभी के लिए समान सम्मान और अवसर सुनिश्चित करके लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया। विश्व लोकतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव और मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लोगों के अधिकार, गरिमा और शासन में उनकी भागीदारी भी शामिल है।

उन्होंने 12वीं सदी के ‘अनुभव मंटप’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्था ने समानता और भागीदारी पर जोर दिया था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के तीन दिन के भीतर ही उन्होंने बसवकल्याण स्थित इस ऐतिहासिक संस्था का दौरा किया था। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र केवल मतदान का अधिकार नहीं है, बल्कि गरिमा के साथ जीने का अधिकार भी है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान करना अधिकार है, जबकि लोकतंत्र को मजबूत करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने पंचायत से लेकर संसद तक युवाओं को सार्वजनिक जीवन में आने के अवसर देने की जरूरत पर जोर दिया। स्कूल और कॉलेज के चुनावों में अपने अनुभवों को याद करते हुए शिवकुमार ने कहा कि राजनीतिक भागीदारी से उन्हें रोकने की कोशिशें की गईं, लेकिन उन्होंने अन्य नेताओं का समर्थन करना और उन्हें आगे बढ़ाना जारी रखा। उन्होंने कॉलेजों में अनुशासित तरीके से चुनाव कराने और उभरते नेताओं को अधिक अवसर देने की पैरवी करते हुए कहा, ‘‘नेता वह होता है जो अनुयायी नहीं, बल्कि नेता तैयार करता है।’’ शिवकुमार ने कहा, ‘‘मेरे और (उपमुख्यमंत्री) परमेश्वर जैसे लोग इस व्यवस्था के मालिक नहीं हैं।

सत्ता आपकी है। भले ही मैं आज मुख्यमंत्री हूं, लेकिन अंततः मैं जनता का सेवक हूं।’’ उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक दल कांग्रेस से वह जुड़े हैं, उसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, संविधान निर्माण और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की ताकत देश की ताकत है।

कांग्रेस का इतिहास देश का इतिहास है। यदि कांग्रेस सत्ता में आती है, तो इसका मतलब है कि समाज के सभी वर्ग सत्ता में आए हैं।’’ महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के ‘‘बलिदानों’’ का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि देश के इतिहास में उनके योगदान को मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने राजीव गांधी द्वारा किए गए 73वें और 74वें संविधान संशोधनों को जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि करीब एक करोड़ मतदाताओं के मतदान का अधिकार छिनने की आशंका है, जबकि करीब 47 लाख लोगों को अब अपने मताधिकार को फिर से हासिल करने का अवसर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पात्र लोगों को आवासीय और आय प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का फैसला किया है, ताकि उन्हें अपने मताधिकार की रक्षा करने और उसका इस्तेमाल करने में मदद मिल सके। शिवकुमार ने कहा, ‘‘किसी का भी मताधिकार नहीं छिनना चाहिए।

कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा या प्रभावशाली क्यों न हो, उसका मतदान का अधिकार नहीं छीना जाना चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई व्यक्ति किस राजनीतिक दल का समर्थन करता है।’’ वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने 2019 से 2023 तक राज्य में सत्ता में रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। शिवकुमार ने कहा, ‘‘एक समय यहां ‘डबल इंजन’ की सरकार (भाजपा) थी।

कई योजनाएं और सपने थे। लेकिन आप सभी ने हमें 136 सीटें देकर सत्ता में पहुंचाया।’’ लोकतंत्र को सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ते हुए शिवकुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘पांच गारंटी’ योजनाएं शुरू की हैं और इनके तहत करीब 52,000 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों को देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार “छठी गारंटी—भूमि गारंटी” पर भी विचार कर रही है और पात्र लाभार्थियों को संपत्ति का अधिकार देने के साथ-साथ अगले तीन वर्षों में करीब 10 से 15 लाख गरीब लोगों को भूखंड उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार खेती के लिए कृषि भूमि उपलब्ध कराने और यह सुनिश्चित करने के लिए भी काम कर रही है कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। शिवकुमार ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का भी आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए उपमुख्यमंत्री परमेश्वर के नेतृत्व में करीब 10,000 ‘भारत जोड़ो युवा संघ’ स्थापित किए जा रहे हैं। इससे पहले परमेश्वर ने कहा कि सामाजिक लोकतंत्र के बिना राजनीतिक लोकतंत्र कायम नहीं रह सकता।

उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, मानवाधिकार, प्रेस की स्वतंत्रता, जनभागीदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक नींव ने 80 वर्षों में कई चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को कायम रखा है। परमेश्वर ने चेतावनी दी कि अगर लोकतंत्र कमजोर हुआ तो दलित, पिछड़े समुदाय और अल्पसंख्यक सबसे पहले प्रभावित होने वाले वर्ग में होंगे।

परमेश्वर ने ‘युवा संसद’ जैसी पहल के जरिए ‘जेन-जी’ को लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

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