DK Shivakumar ने CEC को लिखा पत्र, कर्नाटक SIR में मतदाता सत्यापन के लिए मांगा और समय

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 29, 2026

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं को सत्यापन के लिए पर्याप्त समय देने के साथ निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए। शिवकुमार ने सीईसी से दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाने, सत्यापन का सामना कर रहे मतदाताओं को पर्याप्त समय देने तथा कर्नाटक में एसआईआर के लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करने का आग्रह भी किया है। उन्होंने मतदाताओं को सत्यापन के लिए अधिक समय देने का अनुरोध किया।

उनका कहना था कि इस हिसाब से कर्नाटक में करीब 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है, जब तक कि वे अपना नाम बनाए रखने या नए सिरे से शामिल किए जाने के लिए दावे दाखिल नहीं करते। शिवकुमार ने कहा कि ‘‘अनुपस्थित’’ की श्रेणी में रखे गए लोगों में बड़ी संख्या ऐसे वास्तविक मतदाताओं की हो सकती है, जो काम, स्वास्थ्य या अन्य वैध कारणों से उस समय घर पर मौजूद नहीं थे जब बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) उनके यहां गए और वे गणना प्रपत्र जमा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि इसी तरह, जो मतदाता किसी अन्य मतदान केंद्र के क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए, उन्हें अपने नए पते पर प्रपत्र जमा करने का अवसर नहीं मिला और उनके नाम पुराने पते से हटा दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और अन्य शहरों में सड़क के दूसरी ओर भी घर बदलने पर मतदान केंद्र बदल सकता है और ‘‘अनुपस्थित तथा स्थानांतरित’’ श्रेणियों के तहत लाखों वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है। ऐसे मतदाताओं को अब नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 दाखिल करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह विशेष रूप से चिंता का विषय है क्योंकि जीवंत समाज में लोग और परिवार काम, विवाह तथा अन्य कारणों से नियमित रूप से मोहल्लों, शहरों, कस्बों और गांवों के बीच स्थानांतरित होते रहते हैं।

स्थानांतरण का मतलब मताधिकार से वंचित किया जाना नहीं होना चाहिए।’’ शिवकुमार ने कहा कि यह चिंता गरीब और वंचित नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो आजीविका के लिए बार-बार स्थानांतरित हो सकते हैं और अपनी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज आसानी से हासिल या उपलब्ध नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए एसआईआर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची की सटीकता और अखंडता बनाए रखने के साथ-साथ हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा हो।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग की दोहरी जिम्मेदारी है कि सटीक मतदाता सूची तैयार हो और कोई वास्तविक और पात्र मतदाता सूची से बाहर न हो। उन्होंने कहा कि ये दोनों उद्देश्य परस्पर विरोधी नहीं हैं और पर्याप्त समय तथा उचित प्रक्रियाओं के जरिए दोनों को हासिल किया जा सकता है।

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