By अनन्या मिश्रा | Apr 02, 2026
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया गया है। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर सत्ता के लिए जंग की रणभेरी बज चुकी है। चुनाव आयोग की तरफ से हुए ऐलान के मुताबिक राज्य में चुनाव एक चरण में होगा। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है। वहीं वोटों की गिनती 04 मई 2026 को होगी। ऐसे में सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के लिए अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरूकर दिया है।
साल 1967 के विधानसभा चुनाव में डीएमके मद्रास राज्य में सत्ता में आई थी। फिर मद्रास बाद में तमिलनाडु बन गया। साल 1967 की चुनावी चीज को विपक्षी वोटों के विभाजन से बचने के लिए चुनावी गठबंधन के रूप में भी जाना जाता है। डीएमके ऐसी पहली पार्टी बनी थी, जिसने राज्य में अपने बलबूते बहुमत हासिल की थी।
वर्तमान समय में पार्टी के प्रमुख करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन हैं। वहीं अगर बीते चुनावों की बात करें तो मौजूदा सत्ताधारी डीएमके के आसपास कोई भी पार्टी टक्कर में नहीं नजर आ रही है। वहीं साल 2021 के विधानसभा चुनावों को पैमाना मानकर बात करें, राज्य में सत्ताधारी DMK पार्टी तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में बढ़त के साथ उतरेगी। क्योंकि साल 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने 125 सीटों को जीतकर सत्ता में वापसी की।
यह सी.एन. अन्नादुराई के निर्देशानुसार गरिमा, कर्तव्य और अनुशासन के सिद्धांत का पालन करता है। इसमें राजनीति में एक गैर-प्रभुत्वशाली समाज की स्थापना, राजनीति में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और द्रविड़ विचारधारा के पुनरुद्धार को बढ़ावा देने आदि कार्यों को शामिल करमा है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य सभी के कल्याण के लिए समान आधार पर साधन उपलब्ध कराना है और आर्थिक क्षेत्र में गरीबी को दूर करना है।
बता दें कि पार्टी का चुनाव चिन्ह 'दो पहाड़ों के बीच से उगता हुआ सूर्य' है। इसके साथ एक काला और लाल झंडा चित्रित है। यह 1950 के दशक के करुणानिधि के नाटक उदय सूर्य से प्रेरित है। इसका उद्देश्य द्रविड़ लोगों की 'उदय' भावना को दर्शाना है।