Health Tips: Heat Sensitivity को न करें नजरअंदाज, हो सकती है ये गंभीर Medical Condition

By अनन्या मिश्रा | Jun 08, 2026

गर्मी में पसीना आना और थकान महसूस होना एक आम बात होती है। लेकिन कुछ लोगों को कम गर्मी में भी बहुत ज्यादा गर्मी लगने लगती है। थोड़ी देर धूप में रहने पर कुछ लोगों को बेचैनी, चक्कर आना, सिरदर्द, ज्यादा पसीना, दिल की धड़कन तेज होना और कमजोरी महसूस होने जैसे लक्षण दिखते हैं। यह सिर्फ गर्मी के मौसम का असर नहीं बल्कि मेडिकल कंडीशन का भी संकेत हो सकता है।  

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गर्मी के प्रति सेंसिटिव बनाती हैं ये बीमारियां

हाइपरथायरायडिज्म

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक हाइपरथायरायडिज्म ऐसी स्थिति है, जिसमें थायराइड ग्लैंड जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है। इससे बॉडी का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है। वहीं व्यक्ति को सामान्य तापमान भी बहुत गर्म महसूस होने लगता है। ऐसी स्थिति में लोगों को अधिक पसीना आना, तेजी से वेट घटना और दिल की धड़कन बढ़ जाना और बेचैनी महसूस होती है।

मल्टीपल स्क्लेरोसिस और नर्व सिस्टम की समस्या होना

शरीर की गर्मी सहन करने की क्षमता को कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी प्रभावित करती हैं। ऐसी ही एक बीमारी मल्टीपल स्क्लेरोसिस है, जिसमें नसों और मस्तिष्क के बीच संदेश पहुंचाने वाले प्रोसेस प्रभावित हो जाते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक एमएस के मरीजों को हल्की गर्मी में भी धुंधला दिखाई देना, थकान महसूस होना या कमजोरी लगने लगती है। वहीं शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ने से लक्षण गंभीर हो सकते हैं। वहीं ऑटोनोमिक नर्व डिसऑर्डर जैसी स्थितियों में भी शरीर सही तरीके से तापमान कंट्रोल नहीं कर पाता है।

डायबिटीज, मोटापा और हार्ट डिजीज

हार्ट डिजीज और डायबिटीज भी शरीर के तापमान कंट्रोल करने के प्रोसेस को प्रभावित करता है। डायबिटीज में नसों को नुकसान पहुंच सकता है। जिससे शरीर को ठंडा रखने की क्षमता भी कम हो जाती है। वहीं हार्ट डिजीज की समस्या होने पर ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे शरीर सही तरीके से गर्मी बाहर नहीं निकाल पाता है।

दवाओं का सेवन

शरीर में पानी की कमी होना भी हीट सेंसिटिविटी की बड़ी वजह बन सकता है। जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता है, तो पसीना सही तरीके से नहीं निकल पाता है। वहीं शरीर का तेजी से तापमान बढ़ने लगता है। कुछ दवाएं भी शरीर के कूलिंग सिस्टम को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें भी मरीज को ज्यादा गर्मी महसूस होने लगती है। अगर किसी दवा को खाने से असहनीय गर्मी लगने लगे, तो आपको फौरन डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक हीट सेंसिटिव लोगों को दिन के सबसे गर्म समय यानी की दोपहर में 12 से 4 के बीच घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर बार बार उल्टी, ज्यादा चक्कर आना, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो ऐसे में भी फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि यह हीट स्ट्रोक या हीट एक्सॉशन का संकेत हो सकता है।

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