By अनन्या मिश्रा | Apr 25, 2026
हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे मनाया जाता है। इस दिन मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया जाता है। मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जोकि मच्छरों के जरिए फैलती है। वहीं समय पर इस बीमारी का इलाज न मिलने पर स्थिति खतरनाक रूप ले सकती है। वहीं भारत समेत कई देशों में मलेरिया आज भी एक बड़ी सेहत संबंधी समस्या बनी है। गंदगी, बदलते मौसम और पानी जमा होने जैसी स्थितियां इसके खतरे को अधिक बढ़ा देती है।
बता दें कि मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है। जोकि संक्रामित एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। मलेरिया प्लाज्मोडियम नाम के पैरासाइट की वजह से होती है। जो मच्छर के जरिए व्यक्ति के शरीर में इंटर करता है। एक बार शरीर में पहुंचने के बाद यह खून और लिवर को प्रभावित करता है।
मुख्य रूप से मलेरिया उन जगहों पर ज्यादा फैलता है, जहां गंदा पानी जमा रहता है। वहां मच्छरों की संख्या ज्यादा होती है। गर्मी और बारिश के मौसम में मलेरिया का खतरा अधिक बढ़ जाता है। वहीं अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। बुजुर्ग, छोटे बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग मलेरिया का ज्यादा शिकार हो सकते हैं। इसके लिए विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
मलेरिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी मच्छरों से दूरी बनाकर रखना है। घर और आसपास की जगहों पर पानी न जमा होने दें। क्योंकि जमा पानी मच्छरों के पनपने की मुख्य जगह होती है। वहीं सोने के दौरान मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। वहीं बाहर निकलते समय मच्छर भगाने वाले स्प्रे या फिर क्रीम का उपयोग करें।
वहीं शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। घर के आसपास की साफ-सफाई रखें और समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं। वहीं बुखार या अन्य लक्षण दिखें तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। जिससे समय पर जांच और इलाज हो सके।