By राजीव शर्मा | Jul 30, 2021
मेरठ। कम समय, कम लागत में नगीना वल्लभ बासमती-1 चावल की नई प्रजाति बंपर पैदावार देगी। जी हां वर्तमान में किसानों द्वारा उगाई जाने वाली पूसा बासमती-1 से 39 फीसदी और तरावडी बासमती से 123 फीसदी तक अधिक पैदावार देगी। दरअसल मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, मोदीपुरम के कृषि वैज्ञानिकों ने मिलकर बासमती धान की नई प्रजाति विकसित की है।
कृषि विवि में कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनिल सिरोही निदेशक शोध, मुख्य अन्वेषक डॉ. राजेंद्र मलिक, डॉ. विवेक यादव व टीम ने मिलकर इस प्रजाति को विकसित किया है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस नए किस्म की बासमती की उत्पादन क्षमता दूसरी प्रजातियों से ज्यादा है। इसकी फसल की देखभाल और रखरखाव दूसरी किस्मों के बासमती से आसान है। इसकी लागत भी कम है। आज के समय में लगातार मौसम बदलता है। खेतों में मिटटी की उर्वर क्षमता कम हो रही है, किसान के पास सिंचाई के संसाधन कम है, पानी कम मिल रहा है, यह नई बासमती प्रजाति इन सभी मुश्किलों को झेलकर अच्छी फसल दे सकती है।