By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 24, 2026
महिलाओं को हर महीने काफी तकलीफ से गुजरना पड़ता है। महिलाओं को हर महीने पीरियड्स के दौरान तेज दर्द और असहजता का सामना करना पड़ता है। इस समय शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं,जिनका असर मूड से लेकर शारीरिक सेहत तक दिखाई देता है। पेट और कमर दर्द के साथ-साथ मानसिक उतार-चढ़ाव भी आम है। इन बदलावों का प्रभाव त्वचा पर भी पड़ता है। कई लोगों को इस दौरान पिंपल्स की समस्या होने लगती है,जबकि कुछ की त्वचा ज्यादा तैलीय और चिपचिपी नजर आने लगती है। एक्सपर्ट ने बताया है कि पीरियड्स के दौरान स्किन में काफी बदलाव देखने को मिलते हैं और इन दोनों के बीच क्या कनेक्शन है, आइए आपको बताते हैं।
पीरियड्स में स्किन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
आमतौर पर पीरियड्स से पहले और उस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इसके साथ ही प्रोजेस्टेरोन को लेवल बढ़ने लगता है। इसी कारण से हमारी स्किन में ऑयल ज्यादा बनने लगता है। इससे पोर्स बंद हो सकते हैं और पिंपल्स या एक्ने की समस्या बढ़ जाती है। इस दौरान कुछ महिलाओं की स्किन बहुत सेंसिटिव हो जाती है। ऐसे में रेडनेस, खुजली या ड्राइनेस की समस्या बढ़ जाती है।
पीरियड्स के दौरान स्किन पर होने वाली आम समस्याएं
- चेहरे पर पिंपल्स या छोटे-छोटे दाने निकल आना।
- स्किन को ज्यादा ऑयली चिपचिपा हो जाना।
- ड्राइनेस या खिंचाव महसूस होना।
- रेडनेस या खुजली की समस्या होना।
- स्किन पहले से ज्यादा सेंसिटिव लगना।
स्किन का कैसे ख्याल रखें?
- दिन में दो बार हल्के फेसवॉश का इस्तेमाल करके चेहरा को साफ करें।
- ऑयली क्रीम लगाने से बचना चाहिए।
- इस समय जितना पानी पिएंगे उतना ही स्किन अंदर से हाइड्रेच रहेगी।
- पिंपल्स को बार-बार छुए नहीं।
- अत्यधिक मेकअप करने से बचें।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
यदि आप हर महीने पीरियड्स के समय बहुत ज्यादा एक्ने हो रहे हैं और पिंपल्स बहुत ही ज्यादा दर्द दे रहे हों या स्किन में ज्यादा जलन हो रही हो तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरुरी है।