Donald Trump ने Satya Nadella को किया सम्मानित, Microsoft के काम की सराहना की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 09, 2026

अमेरिका में विदेशी कामगारों की नियुक्ति को लेकर माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा के कुछ ही समय बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला की सराहना की और उन्हें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष पदक से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने नडेला को पदक प्रदान करते समय ‘माइक्रोसॉफ्ट’ में नडेला के काम की तारीफ की और विदेशी कामगारों की नियुक्ति को लेकर कंपनी पर कोई बयान नहीं दिया। ट्रंप ने कहा, ‘‘तीन दशक से अधिक समय से, सत्य नडेला ‘माइक्रोसॉफ्ट’ के बदलाव में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। 

हालांकि, इसके कुछ समय पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट को उस कार्यक्रम से निलंबित किए जाने की घोषणा की जिसके तहत कंपनियां एच-1बी वीजा धारक कुशल विदेशी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड का आवेदन कर सकती हैं। धोखाधड़ी कार्यबल के प्रमुख रहे वेंस के अधिकार क्षेत्र के तहत माइक्रोसॉफ्ट पर यह कार्रवाई हुई। हालांकि, इस कार्रवाई से अमेरिका की आर्थिक वृद्धि को गति देने वाली कंपनियों और आव्रजन कम करने के प्रशासन के प्रयासों के बीच तनाव उजागर हुआ। प्रशासन का कहना है कि आव्रजन से अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान हुआ है। 

वेंस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘माइक्रोसॉफ्ट के लिए हमारा संदेश है कि आप एक बेहतरीन अमेरिकी कंपनी हैं, लेकिन आपको बेहतरीन अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी देनी होगी।’’ उन्होंने कंपनी पर वीजा व्यवस्था का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘आप अमेरिकी कामगारों को नौकरी से नहीं निकाल सकते और फिर उनकी जगह विदेशी बंधुआ मजदूरों को नहीं रख सकते।’’ वेंस ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले साल 6,000 अमेरिकी श्रमिकों को नौकरी से निकाला, लेकिन साथ ही 6,300 एच-1बी वीजा और लगभग 3,000 ग्रीन कार्ड भी हासिल किए। वाशिंगटन के रेडमंड स्थित इस प्रौद्योगिकी कंपनी के दुनिया भर में 2,23,000 कर्मचारी हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने इन आरोपों पर कहा, ‘‘हम अमेरिकी कार्यबल की ताकत और प्रतिभा पर भरोसा करते हैं। यही कारण है कि अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट के अधिकतर कर्मचारी अमेरिकी हैं। 

हम प्रशासन को अतिरिक्त जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार हैं।’’ कंपनी ने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए पिछले वित्त वर्ष में एच-1बी वीजा के लिए दाखिल किए गए लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत माइक्रोसॉफ्ट के मौजूदा कर्मचारियों की वीजा अवधि बढ़ाने या उनकी स्थिति में बदलाव के लिए थे। ये आवेदन नए लोगों को नौकरी पर रखने के लिए नहीं थे।’’ 

नए कर्मचारियों के लिए किए गए शेष आवेदन उन लोगों के लिए थे जो पहले से ही कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे थे और जिन्होंने कंपनी के लिए काम करने का फैसला किया। ऐसे लोग अमेरिकी कार्यबल का केवल एक प्रतिशत हिस्सा ही हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, ‘‘वे हमारे देश में आने वाले नए लोग नहीं हैं।’’ कंपनी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट एच-1बी वीजा के लिए केवल उन्हीं लोगों के आवेदन दाखिल करती है, जो इस वीजा श्रेणी के कड़े मानकों पर खरे उतरते हैं।

 माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, ‘‘हम अपने कर्मचारियों को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सबसे अधिक वेतन देने वालों में से हैं और एच-1बी आवेदनों में भी सबसे अधिक वेतनमान देने वाली कंपनियों में हम हैं। हम अपने एच-1बी कर्मचारियों को भी उतना ही भुगतान करते हैं जितना कि समान काम करने वाले किसी अन्य कर्मचारी को दिया जाता है।’’ कंपनी ने कहा, ‘‘माइक्रोसॉफ्ट प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कार्यबल को विकसित करके एक वैश्विक ‘टेक्नोलॉजी लीडर’ के रूप में सफल हुआ है। 

हम देश में प्रतिभाओं को तैयार करने की व्यवस्था मजबूत करके, अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी देकर और दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करके ऐसा करते हैं।’’ यह निलंबन श्रम विभाग के स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम पर लागू होता है जिसे किसी विदेशी कर्मचारी के लिए अमेरिका में रहने और काम करने के लिए स्थायी निवास या ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम माना जाता है।

प्रमुख खबरें

केरल Assembly में आएगा वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल का विधेयक, VD Satheesan ने दी जानकारी

Kerala High Court ने रद्द किया SIT का फैसला, ED रिपोर्ट पर Vijayan के खिलाफ FIR के निर्देश

Noida International Airport का नाम Narendra Modi के नाम पर रखने को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

UK Trade Minister Jonathan Reynolds भारत आने वाले Great North प्रतिनिधिमंडल की करेंगे अगुवाई