By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 18 अक्टूबर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस पर प्रतिबंध और अन्य देशों पर शुल्क लगाने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए 60 दिन का समय चाहते हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह जानकारी दी। रुबियो ने उज्बेकिस्तान और भारत की एक सप्ताह की यात्रा पर रवाना होने से पहले शनिवार शाम पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही।
ट्रंप द्वारा शुक्रवार को हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश के अनुसार, यह छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, जरूरत के अनुसार वित्त मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श करके यह तय नहीं कर लेते कि आगे कोई कार्रवाई करना उचित होगा। रुबियो ने कहा कि जब ग्राहम अधिनियम पारित किया गया था, तब छूट का प्रावधान इसलिए रखा गया था ताकि दुनिया भर में हो रही विभिन्न घटनाओं के प्रभाव का अध्ययन किया जा सके। इन घटनाओं में ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव, सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि इन सभी बातों को ध्यान में रखकर इनके प्रभाव का तुलनात्मक आकलन करना जरूरी है।’’ रुबियो सोमवार को भारत पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘भारत जैसे देश ऊर्जा के अपने स्रोतों में विविधता लेकर आए हैं लेकिन वे अब भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त कर रहे हैं क्योंकि ऊर्जा के स्रोत एक दिन में बदलना आसान नहीं है।’’ रुबियो ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को इन सभी पहलुओं का अध्ययन करने और यह तय करने के लिए समय चाहिए कि कौन-सा कदम या किन कदमों का मेल सबसे उचित होगा।