Donald Trump का बड़ा फैसला: Solar Panels और Semiconductor सामग्री के Import पर New Tariff, China को मिलेगी कड़ी चुनौती

By Ankit Jaiswal | Aug 07, 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम आर्थिक फैसले के तहत सौर पैनल और सेमीकंडक्टर चिप बनाने में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण सामग्री के आयात पर नए शुल्क लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कदम को अमेरिका की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और घरेलू उद्योग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार यह निर्णय वाणिज्य विभाग की करीब एक साल तक चली जांच के बाद लिया गया है।

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक ने इस फैसले को घरेलू उद्योग के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि अमेरिका में अंतिम उत्पाद तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन पूरी आपूर्ति व्यवस्था देश के भीतर विकसित नहीं हो पाई है। उनके अनुसार नए शुल्क का उद्देश्य कंपनियों को अमेरिका में ही उत्पादन और निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे विदेशी कंपनियां बहुत कम कीमत पर सामान बेचकर घरेलू उद्योग को नुकसान न पहुंचा सकें।

मौजूद जानकारी के अनुसार सरकार ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि आयात पर कितना शुल्क लगाया जाएगा या न्यूनतम कीमत क्या तय की जाएगी। हालांकि माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन नियमों की पूरी जानकारी जारी की जाएगी।

गौरतलब है कि अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने जुलाई 2025 में इस मामले की जांच शुरू की थी। यह जांच 1962 के व्यापार विस्तार कानून की एक विशेष व्यवस्था के तहत की गई थी। इसी कानूनी प्रावधान का इस्तेमाल पहले इस्पात, एल्युमिनियम, वाहन और अन्य कई उत्पादों के आयात पर शुल्क लगाने के लिए भी किया गया था।

हालांकि जांच में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन वैश्विक स्तर पर सौर ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था में चीन की बड़ी हिस्सेदारी मानी जाती है। ऐसे में इस फैसले का असर चीन समेत कई निर्यातक देशों पर पड़ सकता है।

बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले वर्ष दोबारा सत्ता संभालने के बाद कई व्यापारिक साझेदार देशों पर अलग-अलग क्षेत्रों में शुल्क लगाए हैं। हालांकि इस साल फरवरी में अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ व्यापक शुल्कों को रद्द कर दिया था, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत लगाए गए क्षेत्र विशेष के शुल्क अब भी लागू हैं।

इसके अलावा पिछले महीने भी ट्रंप प्रशासन ने अलग कानूनी आधार का इस्तेमाल करते हुए करीब 60 व्यापारिक साझेदार देशों पर नए शुल्क लगाने का फैसला किया था। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका अपनी व्यापार नीति को घरेलू उद्योग के हित में और अधिक सख्त बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा हैं।

प्रमुख खबरें

Ganesh Visarjan 2026 Date: 25 सितंबर को होगा बप्पा का विसर्जन, यह है अनंत चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त

झूठ फैलाना बंद करे पाकिस्तान... UN में सिंधु जल संधि पर इस्लामाबाद के पत्र पर भारत की कड़ी आपत्ति, Court of Arbitration को बताया गैर-कानूनी

SIR पर अंदरूनी मतभेद की खबरों को चुनाव आयोग ने किया खारिज, कहा- सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए, विपक्ष का CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला

Asian Games 2026 Schedule | 23 सितंबर को भारतीय एथलीटों का पूरा शेड्यूल, जानें कब और किस इवेंट में उतरेंगे स्टार खिलाड़ी