By अंकित सिंह | Jul 30, 2024
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हाल ही में एक संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की प्रभावशीलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब भारत में ग्रामीण सड़क विकास के लिए एक व्यापक और अचूक योजना शुरू की गई थी। राज्यसभा में केंद्रीय बजट पर बोलते हुए नड्डा ने कहा कि 60 साल पहले, जब नेहरू लगातार 3 बार चुनाव जीते, तो देश में आजादी का उत्साह था और उनका मुकाबला बेहद कमजोर और बिखरे हुए विपक्ष से था। हालाँकि, 2024 में, मोदी जी ने एक मजबूत विपक्ष के खिलाफ अपना तीसरा कार्यकाल जीता। यह जनादेश स्थिरता, निरंतरता, सुशासन और विकसित भारत के विकास के लिए है।
उन्होंने कहा कि यह बजट व्यापक और आर्थिक सामाजिक विकास को समर्पित है। इस बजट की प्राथमिकता है- बुनियादी ढांचे का विकास, तकनीकी नवाचार, समाज कल्याण। ये बजट पासपोर्ट समान अवसर पद वाला है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इसके बाद आप बजट की कितनी ही बातें कर लो, वो देश के लिए कितने हित का था, वो समझ आ जाता है। आंकड़ों से देश नहीं चलता है, लीक प्रूफ व्यवस्था के साथ last mile delivery assurance जरूरी है। इसलिए मोदी जी ने डीबीटी को डिजिटल इंडिया बनाया और डीबीटी के माध्यम से 37 लाख करोड़ रुपये देश के आम नागरिकों के बैंक खाते में सीधे भेजे गए।
जेपी नड्डा ने कहा कि रिसाव प्रमाण और अंतिम मील वितरण आश्वासन जरूरी है, लेकिन लंबे समय तक जो लोग देश पर राज कर रहे हैं, वे इस ओर ठोस कदम नहीं उठा पाते हैं। इस कारण से बातचीत और लाइक का गहरा रिश्ता बना हुआ है। एक समय तो ऐसा था, जब प्रधानमंत्री ने कहा था कि मैं एक रुपया भेजता हूं, 85 पैसे के बीच में ही खत्म हो जाता है, 15 पैसे ही उनमें से एक है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग कहते हैं कि मिडिल क्लास का क्या हुआ? उजाला योजना के तहत वितरित एलईडी बल्ब के कारण 20 हजार करोड़ रुपये का बिजली बिल कम हुआ और 47.7 मिलियन किलो वाट ऊर्जा बचाई गई।
नड्डा ने कहा कि उसी तरह सौभाग्य योजना के तहत 2 करोड़ 60 लाख घरों को बिजली का कनेक्शन दिया गया। आवास योजना के तहत 4 करोड़ घर हम बना चुके और मोदी 3.0 की पहली कैबिनेट में फैसला किया गया कि हम 3 करोड़ अतिरिक्त नए घर बनाएंगे। जल जीवन मिशन के तहत 11 करोड़ से अधिक जल कनेक्शन दिए गए और IIM Bangalore का कहना है कि करीब 2 करोड़ रोजगार सिर्फ जल जीवन मिशन से सृजित होंगे।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रिफॉर्म्स का दशक 2004 से 2014 तक था, लेकिन इस दशक को हमने व्यर्थ कर दिया, इसका हमने उपयोग नहीं किया। आपने (कांग्रेस) कहा कि गांव का व्यक्ति डिजिटल जानता ही नहीं है, ये भारत तो पढ़ा लिखा ही नहीं है। मैं बताना चाहता हूं , आज हाट में बैठने वाला व्यक्ति भी क्यूआर कोड लगाकर पेमेंट लेता है। आज गांव में 2 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर खुले हैं। राहुल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मैं बालक बुद्धि को कुछ कहना नहीं चाहता हूं। मैंने ट्विटर पर देखा, एक ही Tweet में कहा गया... ये उद्योगपतियों का बजट है, ये बजट कांग्रेस का कॉपी पेस्ट है और ये बजट खराब है।
राहुल के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वर्किंग कमेटी में कितने ओबीसी? राजीव गांधी फाउंडेशन के बोर्ड में कितने ओबीसी हैं? कांग्रेस की राष्ट्रीय सलाहकार समिति में कितने एससी, एसटी और ओबीसी थे? केवल यह कहना कि आप पिछड़े वर्गों का समर्थन करते हैं, पर्याप्त नहीं है। हम, भाजपा, गर्व से दावा करते हैं कि मोदी जी के मंत्रिमंडल में एससी, एसटी और ओबीसी की संख्या सबसे अधिक है। राष्ट्रहित का राजनीतिकरण न करें! जब कोई आतंकवादी समूह भारत पर हमला करता है, तो वह पीड़ितों के बीच उनकी राजनीतिक संबद्धता के आधार पर अंतर नहीं करता है। अग्निवीर योजना के संबंध में लिए गए निर्णय भारतीय सेना को मजबूत करने के लिए तैयार किए गए हैं, जिसका लक्ष्य हमारी सेनाओं को सशक्त बनाना और उन्हें दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाना है।