IPO Market में डबल धमाका! Reliance Jio और NSE की एंट्री से Dalal Street में मचेगी हलचल

By Ankit Jaiswal | Jun 17, 2026

भारतीय पूंजी बाजार में इस सप्ताह काफी हलचल देखने को मिल सकती है। देश की दो बड़ी संस्थाएं, रिलायंस जियो इन्फोकॉम और राष्ट्रीय शेयर विनिमय (एनएसई), अपने बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों संस्थाएं कुछ दिनों के अंतराल में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपने मसौदा दस्तावेज दाखिल कर सकती हैं।

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी ने पिछले वर्ष रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक में निवेशकों से कहा था कि देश की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी को वर्ष 2026 की पहली छमाही में बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा। हालांकि अब यह समयसीमा पार होती दिखाई दे रही है। इस बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दबाव देखने को मिला है और हालिया तिमाही में कंपनी के शुद्ध लाभ में भी गिरावट दर्ज की गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, जियो के सार्वजनिक निर्गम की संरचना में भी बदलाव किया गया है। पहले इसे केवल मौजूदा शेयरधारकों द्वारा हिस्सेदारी बिक्री के रूप में लाने की योजना थी, लेकिन अब इसे नए शेयर जारी कर धन जुटाने वाले प्रारूप में लाने पर विचार किया गया है। बताया जा रहा है कि मूल्यांकन को लेकर कुछ निवेशकों के साथ मतभेद के बाद यह बदलाव किया गया है।

दूसरी ओर, राष्ट्रीय शेयर विनिमय भी अपने लंबे समय से प्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाजार सूत्रों के अनुसार, एनएसई सप्ताह के अंत तक सेबी के पास मसौदा दस्तावेज जमा कर सकता है। कई वर्षों से नियामकीय प्रक्रियाओं और कानूनी मामलों के कारण इसकी सूचीबद्धता टलती रही है।

गौरतलब है कि गैर-सूचीबद्ध बाजार में एनएसई के एक शेयर का मूल्य लगभग 1,950 से 2,050 रुपये के बीच चल रहा है। इसके आधार पर विनिमय का कुल मूल्यांकन करीब 5 लाख करोड़ रुपये माना जा रहा है। इससे यह देश की सबसे मूल्यवान वित्तीय संस्थाओं में शामिल हो सकता है।

विश्लेषकों का कहना है कि हाल ही में पुराने सह-स्थान विवाद के समाधान के बाद सूचीबद्धता की राह पहले की तुलना में अधिक साफ हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि एनएसई की आय का बड़ा हिस्सा वायदा और विकल्प कारोबार से आता है, जहां नियामकीय बदलावों का असर पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, एनएसई का सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह हिस्सेदारी बिक्री के रूप में लाया जाएगा। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक अपनी लगभग 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इस प्रक्रिया से 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जाने का अनुमान है।

बता दें कि इन दोनों बड़े सार्वजनिक निर्गमों की तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक और घरेलू बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण इस वर्ष सार्वजनिक निर्गमों के माध्यम से जुटाई गई राशि में कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो और एनएसई की पेशकश भारतीय पूंजी बाजार में नई ऊर्जा ला सकती है और निवेशकों का भरोसा मजबूत कर सकती हैं।

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