By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 09, 2023
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अपनी रणनीतिक निवेश लक्ष्य पहल के तहत 30 देशों की विभिन्न क्षेत्रों की 106 कंपनियों की पहचान की है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य देश में निवेश को बढ़ावा देना है। इस पहल पर हाल ही में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निर्यातकों के साथ बुलाई गई बैठक के दौरान चर्चा की गई थी। अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रालय के माध्यम से एक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया था और इन कंपनियों के नेतृत्व के साथ बैठकें और वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) के साथ जुड़ने की भी योजना है।
यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2022-23 में भारत में एफडीआई 22 प्रतिशत घटकर 46 अरब डॉलर रह गया है। बीते वित्त वर्ष में कुल एफडीआई प्रवाह (इक्विटी प्रवाह, पुन: निवेश की गई आय और अन्य पूंजी) 16 प्रतिशत घटकर 70.97 अरब डॉलर पर आ गया, जो 2021-22 में 84.83 अरब डॉलर था। अप्रैल-मार्च 2022-23 के दौरान, सिंगापुर 17.2 अरब डॉलर के एफडीआई के साथ भारत के लिए सबसे बड़ा निवेशक रहा। इसके बाद मॉरीशस (6.13 अरब डॉलर), अमेरिका (छह अरब डॉलर), यूएई (3.35 अरब डॉलर), नीदरलैंड (2.5 अरब डॉलर), जापान (1.8 अरब डॉलर), ब्रिटेन (1.73 अरब डॉलर) का स्थान रहा। डीपीआईआईटी के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान साइप्रस से 1.27 अरब डॉलर, केमैन द्वीप से 77.2 करोड़ डॉलर और जर्मनी से 54.7 करोड़ डॉलर का एफडीआई मिला। बीते वित्त वर्ष में मॉरीशस, अमेरिका, नीदरलैंड, केमैन आइलैंड और जर्मनी से एफडीआई प्रवाह में कमी आई है।