जानिए राहुल द्रविड़ ने ऐसा क्यों कहा- आज की क्रिकेट युग में बने रहना मुश्किल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 09, 2020

नयी दिल्ली। राहुल द्रविड़ को यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं कि वह जिस तरह से धीमी बल्लेबाजी करते थे उसे देखते उनके लिये आज की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहना मुश्किल होता लेकिन इसके साथ ही उनका मानना है कि रक्षात्मक तकनीकी का अस्तित्व बना रहेगा भले ही इसका महत्व कम होता जा रहा है। द्रविड़ ने कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बल्लेबाजों ने एकदिवसीय क्रिकेट में नये प्रतिमान स्थापित कर दिये हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में चेतेश्वर पुजारा जैसे बल्लेबाज की हमेशा जरूरत रहेगी। जहां तक उनकी खुद की बात है तो उन्हें रक्षात्मक कहलाने में गुरेज नहीं क्योंकि वह शुरू से ही टेस्ट खिलाड़ी बनना चाहते थे। द्रविड़ ने पूर्व भारतीय खिलाड़ी संजय मांजरेकर के साथ ईएसपीएनक्रिकइन्फो वीडियोकास्ट में कहा, ‘‘अगर इसका मतलब लंबे समय तक क्रीज पर बने रहना या गेंदबाजों को थकाना या मुश्किल परिस्थितियों में नयी गेंद की चमक खत्म करना है ताकि बाद में खेलना आसान हो सके तो मैं ऐसा करता था। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे अपनी भूमिका के तौर पर देखता था और मुझे इस पर गर्व है। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं वीरेंद्र सहवाग के जैसे बल्लेबाजी नहीं करना चाहता था या उस तरह से शॉट नहीं खेलना चाहता था लेकिन हो सकता है कि मेरा कौशल अलग तरह का हो। मेरा कौशल प्रतिबद्धता और एकाग्रता से जुड़ा था और मैंने इस पर काम किया। ’’

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन के बाद पिच पर लौटेगा क्रिकेट, टेस्ट श्रृंखला के लिये वेस्टइंडीज टीम इंग्लैंड रवाना

कई खिलाड़ियों की आज भी अच्छी रक्षात्मक तकनीकी है फिर चाहे वह कोहली हो, (केन) विलियमसन या (स्टीव) स्मिथ। ’’ द्रविड़ ने पुजारा की भी जमकर तारीफ की जो भारत के टेस्ट विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सौराष्ट्र जैसी जगह से आने के बाद उसे जल्द ही पता चल गया कि उसे अन्य खिलाड़ियों की तुलना में कुछ खास करने की जरूरत है। इसलिए उसने अपनी प्रत्येक पारी को विशेष बनाने की कोशिश की और इस तरह से अपनी बल्लेबाजी को आगे बढ़ाया। ’’ द्रविड़ ने कहा, ‘‘उसके पास कई तरह के शॉट हैं और वह इसे जानता है। स्पिनरों के सामने वह बेजोड़ है और वह स्ट्राइक रोटेट भी करता है। पुजारा ने अपने खेल पर बहुत अच्छी तरह से काम किया है। उसकी एकाग्रता लाजवाब है। पुजारा जैसे खिलाड़ी के लिये टीम में हमेशा जगह रहेगी क्योंकि उनकी तकनीकी मैच जिताने में हमेशा योगदान देगी। ’’ द्रविड़ ने इसके साथ ही कहा कि टेस्ट की तुलना में छोटे प्रारूपों में तकनीकी कमजोरियों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा, ‘‘टी20 प्रारूप में आप अपने कमजोर पक्षों के साथ जी सकते हो लेकिन अगर आपकी कमजोरी साफ नजर आ रही हो तो आप टेस्ट क्रिकेट में नहीं बने रह सकते।

इसे भी पढ़ें: इस कारण से ब्राजील महिला विश्व कप 2023 की मेजबानी की दौड़ से हटा

टी20 क्रिकेट में आपकी कोई विशेष भूमिका होती है और अगर आप उसमें खरे उतरते हो तो आप सफल हो सकते हो।’’ टी20 कमाई का आसान साधन है लेकिन इसके बावजूद द्रविड़ को नहीं लगता कि प्रत्येक प्रारूप में खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या में कमी आ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये अच्छी बात है कि विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट को महत्व देते हैं। वह हमेशा इस बारे में बात करता है। और मेरे नजरिये में वह हमारे युवा क्रिकेटरों के लिये बहुत अच्छा आदर्श स्थापित कर रहे हैं।’’ द्रविड़ ने कहा, ‘‘मैंने कई युवा खिलाड़ियों के साथ काम किया है और जब वे शुरुआत करते हैं तो उनके आदर्श कोहली या केन विलियमसन या स्मिथ होते हैं। वे खेल के सभी प्रारूपों में खेलना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कुछ कम प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लगता है कि कोहली या पुजारा या अंजिक्य रहाणे के रहते हुए टीम में जगह बनाना मुश्किल है। लेकिन वे जानते हैं कि अगर वे सीमित ओवरों की क्रिकेट पर मेहनत करते हैं तो निश्चित तौर पर आईपीएल टीम में जगह बना सकते हैं और आसानी से आजीविका चला सकते हैं।

प्रमुख खबरें

Jemimah Rodrigues की जगह Pratika Rawal की एंट्री, Asia Cup से पहले Indian Womens Team में हुआ बड़ा बदलाव

Electronics Export में 57% की रिकॉर्ड उछाल, लेकिन China और Taiwan पर निर्भरता अब भी बड़ी Challenge

Ferran Torres छोड़ेंगे Barcelona: PSG के साथ 50 Million Euro के बड़े Transfer सौदे पर लगी मुहर

Manchester United नहीं करेगा 100 Million का मेगा सौदा, कोच Michael Carrick ने Transfer Strategy पर तोड़ी चुप्पी