DRDO का बड़ा कमाल! Agni MIRV मिसाइल टेस्ट से मजबूत हुआ भारत का रक्षा कवच

By अभिनय आकाश | May 09, 2026

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) अग्नि एमआईआरवी का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण शुक्रवार को ओडिशा तट के पास चांदीपुर में किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा जल्द ही इस परीक्षण के संबंध में बयान जारी किए जाने की संभावना है। इस परीक्षण ने अग्नि-6 मिसाइल को लेकर हलचल मचा दी है, जिस पर डीआरडीओ लंबे समय से काम कर रहा है। पिछले महीने, डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी. कामत ने कहा था कि मिसाइल कार्यक्रम सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है और एजेंसी ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। एएनआई राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2.0 में बोलते हुए कामत ने कहा था, "यह सरकार का निर्णय है। सरकार की मंजूरी मिलते ही हम तैयार हैं।

इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्री Jaishankar की 'क्रिकेट डिप्लोमेसी', Trinidad में दिग्गज Brian Lara से हुई खास मुलाकात

भारत ने नए हथियार तंत्र का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया

इस बीच, शुक्रवार को ओडिशा तट पर स्वदेशी रूप से विकसित ग्लाइड हथियार तंत्र का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रक्षा मंत्रालय (MoD) ने एक बयान में कहा कि टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन (TARA) प्रणाली को गैर-निर्देशित वारहेड को सटीक निर्देशित हथियारों में परिवर्तित करने के लिए विकसित किया गया है। TARA प्रणाली को हैदराबाद के रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने DRDO के साथ मिलकर डिजाइन और विकसित किया है। इसका उद्देश्य "जमीनी लक्ष्यों को निष्क्रिय करने के लिए कम लागत वाले हथियार की मारक क्षमता और सटीकता को बढ़ाना" है। सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए DRDO और RCI को बधाई दी है। मंत्रालय ने कहा, यह अत्याधुनिक कम लागत वाली प्रणालियों का उपयोग करने वाला पहला ग्लाइड हथियार है।" "इस किट का विकास विकास सह उत्पादन भागीदारों (DCPP) और अन्य भारतीय उद्योगों के साथ मिलकर किया गया है, जिन्होंने उत्पादन कार्य शुरू कर दिया है।

प्रमुख खबरें

वेनेजुएला में 126 साल में सबसे बड़ी तबाही, भारत ने दिया एक्शन का आदेश

शिवराज सिंह चौहान के बेटे ने किया मानहानि केस तो राहुल गांधी ने जताया खेद, जानें पूरा मामला

PM Modi के बाद अब Amit Shah राष्ट्रपति भवन पहुंचे, Cabinet Reshuffle पर फाइनल मुहर लगने की अटकलें!

Karnataka Govt का बड़ा प्रशासनिक सुधार, Praja Seva Department से बदलेगा Governance Model