मीनाक्षी लेखी ने दिया पुरानी आदतों को अपनाने का सुझाव, बोलीं- प्लास्टिक की बोतलें छोड़ो

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 06, 2019

नयी दिल्ली। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने के लिए हाथ से चुल्लू बनाकर पानी पीने और दांतों को साफ करने के लिए ‘‘दातुन’’ या नीम की टहनी का इस्तेमाल करने की पुरानी भारतीय आदतों की ओर लौटने का सुझाव दिया। लेखी ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि भारत ने ऐसी चीजों को अपनाकर काफी ऊर्जा और संसाधन बर्बाद किए हैं जो हमारी नहीं हैं। उन्होंने एक बार में इस्तेमाल योग्य प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा के लिए देश की तैयारी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमें गिलासों और बोतलों की जरूरत क्यों है? हम जब स्कूल में थे तो अपने हाथों से पानी पीते थे जो मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा स्वच्छ तरीका है क्योंकि इस प्रक्रिया में आप अपने हाथ धोते हो और गिलास को साफ करने में पानी बर्बाद भी नहीं होता।’’

इसे भी पढ़ें: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने परिसरों को प्लास्टिक मुक्त करने का फैसला किया

लेखी ने कहा, ‘‘जब सब्जी बेचने वाला आता था तो हम बेंत की टोकरी का इस्तेमाल करते थे। कोई प्लास्टिक नहीं। हमने दातुन इस्तेमाल करने की आदत भी छोड़ दी। अब ये सभी प्लास्टिक के टूथब्रश कूड़ेदान में जाते हैं और फिर उसके बाद कचरा डलान क्षेत्र में।’’ नयी दिल्ली सीट से भाजपा सांसद ने पर्यावरण के अनुकूल बैग और सैनिटरी पैड्स बनाने के लिए पुराने कपड़े फिर से इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब सैनिटरी नैपकिन्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया तो महिलाओं ने खूब मुखालफत की, बिना यह सोचे कि ‘‘हम पॉलीमर के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं।’’

इसे भी पढ़ें: Amazon इंडिया 2020 तक एक बार इस्तेमाल किए प्लास्टिक को करेगी बंद

सांसद ने कहा, ‘‘मेरी दादी, आपकी परदादी-परनानी हर कोई कपड़ा इस्तेमाल करती थीं जिसे एक बार इस्तेमाल के बाद नष्ट किया जा सकता है। इस पर और चर्चा से सैनिटरी पैड्स के रूप में प्लास्टिक, पॉलीमर का इस्तेमाल कम करने में मदद मिलेगी।’’ लेखी ने कहा, ‘‘इन पॉलीमर का प्रभाव काफी बढ़ गया है और कोई इस बारे में बात नहीं करता क्योंकि यह संवदेनशील मुद्दा बन गया है। मैं कहती थी कि 18 फीसदी कर के बजाय 28 फीसदी कर होना चाहिए।’’ साल 2022 तक एक बार में उपयोग होने वाले प्लास्टिक के इस्तेमाल को खत्म करने का अभियान चला रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर कुछ सामान पर प्रतिबंध की घोषणा कर सकते हैं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में लोगों से प्लास्टिक के थैलों के इस्तेमाल से बचने और तकनीशियनों तथा उद्यमियों से प्लास्टिक के पुन: इस्तेमाल के नवीन तरीकों को खोजने का अनुरोध किया था।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Jammu Kashmir: उधमपुर में Jaish की साजिश नाकाम, गुफा में छिपे दो Pakistani आतंकी मारे गए

Honeymoon Places in Feburary: Valentine Month में हनीमून का प्लान, Udaipur से Auli तक ये हैं Top 5 रोमांटिक डेस्टिनेशन

OTT Releases This Week | राजा का राज और कपिल की कॉमेडी का तड़का, वॉचलिस्ट में शामिल करें ये 7 धांसू फिल्में और शोज!

कनॉट प्लेस में खूनी खेल: पानी माँगने पर डिलीवरी एजेंटों ने हेलमेट से पीट-पीटकर बिजनेसमैन को मार डाला, दिल्ली शर्मसार!